
सरकार का पोर्टल शिक्षा के अधिकार में बना रहा अड़ंगा
बालोद @ patrika . इस बार जिले में आरटीइ के तहत गरीब बच्चों की प्रवेश पर धीमा पोर्टल का ग्रहण लग गया है। आगामी 17 जून से शिक्षण सत्र शुरू हो रहा है। अभी तक आरटीइ के तहत कोई जिले में लक्षित विद्यार्थियों की भर्ती नहीं हो पाई है। शासन द्वारा आरटीई के तहत जिले के 1074 बच्चों को निजी स्कूल में भर्ती करना है पर अभी तक 50 विद्यार्थियों का प्रवेश नहीं हो पाया है।
50 विद्यार्थियों की रूक गई भर्ती प्रक्रिया
इधर जिला शिक्षा विभाग ने जिले 167 निजी स्कूलों को ऑनलाइन पत्र जारी कर दिया है कि जितने विद्यार्थियों का प्रवेश के लिए सूची भेजी गई है उनकों प्रवेश दें। शिक्षा विभाग का कहना है कि जो ऑनलाइन प्रवेश पोर्टल है वही धीमा है इस वजह से 50 विद्यार्थियों की भर्ती प्रक्रिया रूक गई है।
ऑनलाइन पोर्टल के चक्कर में पचड़े में पड़ गया प्रवेश
इस योजना के तहत प्रवेश के लिए लगभग 15 सौ के आवेदन आए थे। जब आवेदनों की जांच की गई तो मात्र 1074आवेदन सही पाए और इतने ही सीट पर भर्ती होगी। पर ऑनलाइन पोर्टल के चक्कर में तो आरटीई योजना परेशानी का कारण बन गया। यह पहली बार हुआ है जब आरटीई के तहत बच्चों का प्रवेश इतना लेट किया जा रहा है। इधर पालक भी परेशान हो रहे हैं कि आखिर कब बचे हुए बच्चों की आवेदनों की स्क्रूटनी नोडल अधिकारी करेंगे।
डीईओ बोले परेशानी की जा रही दूर, सभी की होगी भर्ती
इधर जिला शिक्षा अधिकारी आरएल ठाकुर ने कहा कि इस योजना के तहत भर्ती प्रक्रिया चल रही है। भर्ती प्रक्रिया में जो परेशानी हो रही है उसकी जानकारी ली जा रही है। पोर्टल धीमा होने के कारण ही इस तरह की परेशानी हो रही है पर जल्द ही सभी विद्यार्थियों की भर्ती पूरी कर ली जाएगी।
Published on:
04 Jun 2019 08:28 am
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