
बांध से पानी लेने 35 साल से इंतजार, अब 12 गांव करेंगे चुनाव बहिष्कार
बालोद. डौंडीलोहारा के दो ग्राम पंचायतों के 12 गांवों में बिजली, पानी और सड़क की व्यवस्था पर अब तक प्रशासन ध्यान नहीं दे पाया है। वहीं बांध बहरा जलाशय से नहर नाली भी तैयार नहीं किया जा सका है।
मामले में शासन-प्रशासन को जानकारी देते हुए पहल की कई बार मांग कर चुके हैं, पर परेशानियों की अनदेखी से नाराज ग्रामीण कलक्टोरेट पहुंचकर स्थिति बताई। उसके बाद पत्र सौंपते हुए सीधे चेतावनी दी कि समय रहते नहर नाली का निर्माण नहीं किया गया, तो इस बार विधानसभा चुनाव का बहिष्कार करेंगे। ग्रामीणों ने यह भी कहा कि कोई भी राजनीतिक पार्टियों को भी इन 12 गांवों के अंदर घूसने नहीं दिया जाएगा। इस दौरान ग्रामीणों ने कलक्टोरेट परिसर में ही शासन-प्रशासन के खिलाफ जमकर नारे लगाए।
दो पंचायतों में हैं 12 गांवों में परेशानियां
आमाडुला के सरपंच कमलेश दुग्गा ने बताया पंचायत आमाडुला व पंचायत मथेना के 12 आश्रित ग्रामों में सड़क, बिजली व पानी की स्थिति बदहाल हो गई है। सड़कें पूरी तरह से गायब हो गई हैं। सड़क में केवल गड्ढे ही नजर आते है।ं वर्षों से सड़क की यही स्थिति है, लेकिन शासन-प्रशासन ध्यान नहीं दिया जिसके कारण हम परेशानियों का सामना करना पड रहा है।
हर साल 12 गांवों को सूखे का करना पड़ता है सामना
सरपंच कमलेश ने बताया पंचायत आमाडुला बांधबहरा जलाशय का निर्माण किया जा रहा है जो अब तक केवल 80 प्रतिशत निर्माण कार्य हो पाया है। जलाशय में बारिश के पानी से लबालब हो जाने के कारण ग्राम के ही शीतला मन्दिर भी गिर गई है। इसके साथ ही गौठान में पानी पूरी तरह से भर गया है। जलाशय में पानी होने के बाद भी किसानों को इसका कोई लाभ नहीं मिल पा रहा। नहर नाली बन जाए तो ग्रामीणों को इसका लाभ मिलेगा। नहर नहीं होने से खेतों में पानी नहीं पहुंच पाता। प्रत्येक वर्ष 12 गावों के किसानों को सूखे का सामना करना पड़ता है।
सात बार सौंप चुके हैं कलक्टर को ज्ञापन
ग्रामीण भागवत ने बताया नहर निर्माण की मांग को लेकर कलक्टर जनदर्शन में 7 बार ज्ञापन के माध्यम से अवगत करा चुके हैं। इसके साथ ही मुख्यमंत्री दरबार व क्षेत्रीय विधायक को भी आवेदन दिए गए हैं लेकिन आज तक कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। मांग है कि आमाबहरा जलाशय में सिचाई के लिए नाली का निर्माण, ब्लॉक मुख्यालय तक सड़कें ठीक की जाए, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में कर्मचारी की नियुक्ति की जाए। दोनों ग्राम पंचायत के बोहारडीही, किशनपुरी, मथेना, धनुऊपारा, उत्तरवही, भूतीपारा, गोटीपारा, ठाकुरपारा, आवासपारा, मालिकपारा सहित अन्य ग्राम के किसान बड़ी संख्या में मांग को लेकर पहुंचे थे।
Published on:
27 Sep 2018, 8:30 AM IST
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