
आखिर क्यों एक मां अपनी दूधमुंही बच्ची को बेचने वाली थी
बालोद @ patrika. पति की मौत के बाद गरीबी ने महिला को इस कदर तोड़ा कि एक माह की दूधमुंही बच्ची को परिवरिश के लिए दूसरे को सौंपने को तैयार हो गई थी। खरीददार भी मिल गए थे किंतु ऐन मौके पर महिला बाल विकास और पुलिस की टीम पहुंच गई महिला को ऐसा ना करने मना लिया गया।
पुलिस ने दिया जीवकोपार्जन के लिए एक हॉटल खोलकर देने का आश्वासन
टीम ने महिला को मां की ममता का हवाला दिया गया, उसे मानसिक रूप से तैयार करने के बाद बच्चे को रखने राजी हुई। पुलिस प्रशासन ने उसे एक महीने का राशन के साथ जीवकोपार्जन के लिए एक हॉटल खोलकर देने के आश्वासन के बाद मुश्किल से राजी हुई। प्रशिक्षु डीएसपी अमर सिदार ने जच्चा-बच्चा की दवाई, नकद राशि के साथ एक माह का राशन भी दिया है।
कलेजे के टुकड़े को बेचने की तैयारी में थी
यह मार्मिक घटना जिले के दल्लीराजहरा निवासी 35 वर्षीय एक महिला की है। वे पहले से ही दो बच्चों की मां और तीसरे बच्चे के जन्म के पहले पति की मौत और आर्थिक तंगी के चलते अपने कलेजे के टुकड़े को बेचने की तैयारी में थी।
पढ़ाई छोड़ बड़ा बेटा करता है मजदूरी
अप्रैल 2019 में महिला के पति की मृत्यु हो गई थी। सास ससुर भी दुनिया में नहीं है। मायका अमृतसर है। किराए के मकान में रहकर 15 साल के बेटे कक्षा सातवीं की पढ़ाई के साथ मजदूरी और दुकान में काम करता है। बच्चे की कमाई से परिवार का गुजारा होता है। एक माह के बच्चे को बेचने की जानकारी होने पर खरीदने उसके घर पहुंच गए थे। तबीयत ठीक नहीं होने के कारण बालोद जिला अस्पताल में दोनों को भर्ती कराया गया।
अप्रैल माह में हो चुकी पति की मौत
जानकारी के मुताबिक उनके पति की मृत्यु अप्रैल 2019 में दिल के दौरे के कारण हो गई। उनके घर में महिला के अलावा उनकी तीन वर्ष की एक बेटी और 15 साल का एक लड़का है। पति की मौत के बाद 15 वर्षीय बेटा दल्ली के ही एक जूते चप्पल की दुकान में काम करने के लिए जाता है। बेटे द्वारा कमाए पैसे से ही घर का गुजारा होता है।
नर्स से कहा नहीं पाल सकती बच्ची को
जानकारी के अनुसार 11 अगस्त को दल्लीराजहरा के एक अस्पताल में महिला ने बच्ची को जन्म दिया। इस दौरान वहां की एक नर्स से चर्चा में बच्ची को नहीं पाल सकने और बेचने की बात बताई थी। इस बीच गुरूवार को महिला की तबीयत खराब हो गई। तब तत्काल 108 एंबुलेंस को सूचना दी। उसी समय कोई व्यक्ति उनके पर बच्ची को खरीदने की बातचीत कर रहे थे। महिला को उस समय सौदा करने का मौका नहीं मिला और जिला अस्पताल बालोद में भर्ती हो गई।
पुलिस व महिला बाल विकास विभाग की टीम ने समझाया
जिला अस्पताल पहुंचने के बाद महिला द्वारा बच्ची बेचने की बात की जानकारी बालोद पुलिस व महिला बाल विकास विभाग की टीम को हुई। दोनों विभाग की टीम मौके पर पहुंची। महिला ने अपने कहा कि उनकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण वह बच्ची को पालने में असमर्थ है। बच्ची की अच्छी परवरिश के लिए किसी को देना चाहती थी। महिला की बात सुनकर पुलिस व महिला बाल विकास की टीम ने उसे समझाइश दी और बच्ची को नियम विरूद्ध गोद लेने के संबंध में जानकारी दी।
Published on:
08 Sept 2019 08:02 am
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