
सरकारी जमीन पर 13 लोगों ने किया कब्जा (Photo Patrika)
CG land Scam: ग्राम खपराडीह में शासकीय भूमि पर 13 लोगों द्वारा किए गए अवैध कब्जे को हटाने के लिए सरपंच गजेंद्र वर्मा पिछले चार महीने से तहसील और कलेक्टर कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई है।
ग्राम पंचायत के अनुसार यह भूमि धान खरीदी केंद्र, खेल मैदान और सार्वजनिक भवनों के लिए आरक्षित है। यहां कुछ लोगों ने अवैध निर्माण, कचरा डंपिंग, पत्थर, कांटे डालकर घेराबंदी कर ली है। सरपंच द्वारा कब्जाधारियों को तीन बार नोटिस भेजा गया, मुनादी भी कराई गई, मगर अतिक्रमणकारियों पर कोई असर नहीं हुआ।
गौरतलब है कि उक्त भूमि पर राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 6.30 लाख रुपए स्वीकृत किए हैं, लेकिन स्थल खाली न होने से निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है।
जिला पंचायत सभापति ईशान वैष्णव को मामले की जानकारी होते ही वे सरपंच गजेंद्र वर्मा के साथ तहसीलदार कार्यालय पहुंचे और मामले में शीघ्र कार्रवाई की मांग की। यदि अगली पेशी तक उचित निर्णय नहीं हुआ तो उच्च अधिकारियों को वस्तु स्थिति से अवगत कराया जाएगा।
तहसीलदार किशोर कुमार वर्मा ने बताया कि पांच सदस्यीय जांच टीम गठित की गई है, जिसमें राजस्व निरीक्षक आरजी ध्रुव और चार पटवारी केके ध्रुव, खिलेश्वर पुरैना, रसपाल सेन और नूतन ध्रुव शामिल हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि जांच प्रतिवेदन आने के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।
तहसीलदार किशोर कुमार वर्मा खुद मौके का निरीक्षण कर चुके हैं। इसके बावजूद कार्रवाई न होना उनकी कार्यशैली पर सवाल खड़े करता है। ग्रामीणों ने बताया कि हाल ही में इस मामले की अगली पेशी एक माह बाद तय की गई, जो तहसीलदार की अनुपस्थिति में बाबू हेमलता ध्रुव द्वारा दी गई थी। वह लगभग तीन साल से तहसील कार्यालय में जमे हुए हैं।
22 मई को सरपंच ने तहसील कार्यालय सुहेला में आवेदन देकर कब्जा हटाने की मांग की थी। लेकिन लगभग चार महीने बाद भी नतीजा शून्य है। ग्रामीणों का आरोप है कि कब्जाधारियों को राजनीतिक संरक्षण मिला हुआ है, जिसके चलते तहसीलदार मामले की सुनवाई लगातार टालते आ रहे हैं।
Updated on:
12 Aug 2025 11:35 am
Published on:
12 Aug 2025 11:34 am
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