
CG Election 2025: नगर निगम में मेयर के आरक्षण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब भाजपा- कांग्रेस, दोनों ही दलों में दमदार और जीतने वाले प्रत्याशी के लिए मंथन शुरू होगा। हालांकि यह प्रक्रिया आचार संहिता लागू होने के बाद ही शुरू होगी।
लेकिन दावेदारों ने अपने स्तर पर प्रयास शुरू कर संभावना तलाशनी शुरू कर दी है। बिलासपुर को ओबीसी स्वतंत्र के लिए आरक्षित किया गया है। यानी यहां पर अन्य पिछड़ा वर्ग के पुरुष और महिला दोनों ही दावेदारी कर सकेंगे। इसके बाद अब दोनों ही प्रमुख दलों में इस वर्ग के योग्य प्रत्याशी के लिए नामों पर विचार शुरू किया जाएगा।
दोनों ही दलों के प्रमुख नेताओं का कहना है कि आवेदन आदि की प्रक्रिया की जाएगी और प्रदेश कमेटी के समक्ष नाम भेजे जाएंगे। लेकिन इसमें वरिष्ठता, सक्रियता, पार्टी के प्रति प्रतिबद्धता और जनता के बीच स्वीकार्यता का भी ध्यान रखा जाएगा। त्रिस्तरीय पंचायत राज संस्थाओं में विभिन्न पदों के लिए आरक्षण की कार्यवाही 8 जनवरी को होगी।
दोपहर 12 बजे जिला कार्यालय के मंथन सभाकक्ष में जिला पंचायत सदस्यों व जनपद पंचायतों के अध्यक्षों के आरक्षण की कार्यवाही शुरू होगी। वहीं सभी जनपद पंचायतों के सभाकक्ष में सुबह साढ़े 10 बजे से जनपद पंचायत सदस्य, सरपंच एवं पंच पदों के लिए नियमानुसार आरक्षण किया जाएगा। जिला स्तर पर जनपद पंचायत अध्यक्ष एवं जिला पंचायत सदस्यों के आरक्षण की कार्यवाही कराने के लिए अपर कलेक्टर शिवकुमार बनर्जी को प्रभारी अधिकारी बनाया गया है।
बिलासपुर में पिछली बार महापौर का पद सामान्य वर्ग के लिए आरक्षित किया गया था। (chhattisgarh news) हालांकि प्रत्यक्ष तौर पर चुनाव न होने के कारण बहुमत के आधार पर पार्षदों के बीच से ही कांग्रेस के रामशरण यादव को महापौर चुना गया। उसके पहले 2014 में प्रत्यक्ष प्रणाली से हुए मेयर के चुनाव में भी बिलासपुर में यह पद ओबीसी (स्वतंत्र) के लिए आरक्षित किया गया था।
CG Election 2025: जिला कांग्रेस शहर अध्यक्ष विजय पांडे का कहना है कि सीनियर और जिताऊ प्रत्याशी ही तय किए जाएंगे। पार्टी में स्थानीय स्तर पर विमर्श कर सर्वसमति से प्रदेश कमेटी के पास नाम भेजे जाएंगे। भाजपा शहर जिला अध्यक्ष दीपक सिंह के अनुसार स्थानीय स्तर पर भाजपा कोर ग्रुप की बैठक में नाम तय कर प्रदेश कोर कमेटी को भेजे जाएंगे। यह प्रक्रिया 15 जनवरी के बाद ही शुरू होगी।
राज्य शासन ने वर्ष 1999-2000 के चुनाव से महापौर का निर्वाचन डायरेक्टर कर दिया। तब प्रत्यक्ष प्रणाली से महापौर का चुनाव हुआ। इसमें भाजपा के उमाशंकर जायसवाल महापौर के पद पर निर्वाचित हुए। वर्ष 2005 के चुनाव में भाजपा के अशोक पिंगले मेयर बने। कार्यकाल के बीच में उनका निधन हो गया। तब सभापति विनोद सोनी को एक्टिंग महापौर बनाया गया था।
वर्ष 2009 के चुनाव में कांग्रेस की वाणी राव महापौर बनीं।
वर्ष 2014 के चुनाव में भाजपा के किशोर राय मेयर बने।
वर्ष 2020 में रामशरण यादव महापौर के पद पर निर्वाचित हुए।
Updated on:
08 Jan 2025 11:55 am
Published on:
08 Jan 2025 11:49 am
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