
महामाया चौक में मनमानी पार्किंग (Photo source- Patrika)
CG News: सावन में धर्मनगरी आने वाले भक्तों की संख्या बढ़ी है। इस बीच बारिश की बूंदों ने अव्यवस्था की पोल खोल दी है। गरियाबंद, फिंगेश्वर, महासमुंद की ओर से राजिम आने की बात हो या भीतरी इलाकों में बिछा सड़कों का जाल, अधिकांश इलाकों में डामर धुल चुकी है। कंकड़-पत्थर फैल गए हैं। कई जगहों पर बड़े गड्ढे हैं, जिनमें कीचड़ भरा है। ऐसे में गाड़ियों से आने वाले भक्त हिचकोले भरे सफर को मजबूर हैं, तो कंकड़-पत्थर कांवरियों के पैर छीलने के लिए काफी हैं।
बारिश में सड़कों बदहाल होना पहली बार नहीं है। हर साल की कहानी है। राजिम में राजधानी रायपुर, महासमुंद और धमतरी से प्रवेश करने वाले सभी मार्ग बदहाल हैं। सड़कों पर बड़े गड्ढे हैं। ट्रक, कार या बाइक जब भी इनसे गुजरती है, तो कीचड़ उछलता है। पैदल राहगीर इससे परेशान हैं। कई बार बाइक सवार भी गड्ढे का सही अंदाजा नहीं होने से इनमें फंसकर गिरते हैं। कई जगहों पर गड्ढे इतने बड़े हैं कि कारों का निकलना तक मुश्किल हो जाता है। साइड सोल्डर (सड़कों की ढलानों) की हालत भी ठीक नहीं है। आसपास गड्ढे हैं।
हल्की बारिश भरभराकर इन्हें बड़ा बना देती है। राजिम के हृदय स्थल पं. सुंदरलाल शर्मा चौक से लेकर गोवर्धन चौक, जिला सहकारी बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा के सामने, मस्जिद के सामने, महामाया चौक, मछली बाजार से लेकर राजिम भक्तिन माता चौक तक सड़कों की हालत खराब है। ये वो रास्ते हैं जिससे गुजरकर स्थानीय से लेकर राज्य स्तर के बड़े नेताओं और अधिकारी राजिम आते-जाते हैं। जिला मुख्यालय से महज 45 किमी दूर होने के बाद कनेक्टिविटी के मामले में राजिम पिछड़ता जा रहा है।
फिंगेश्वर-महासमुंद रोड पर भी गड्ढों की भरमार है। पं. सुंदरलाल शर्मा चौक से ब्लॉक मुख्यालय फिंगेश्वर और महासमुंद तक की सड़कें बुरी तरह जर्जर हैं। बस स्टैंड से कृषि उपज मंडी तक सड़क खस्ताहाल है। पुराने टॉकीज, शिवाजी चौक, श्रीराम चौक, तहसील चौक तक सड़कों की हालत भी दयनीय है। यात्री सावधानी से चलते हैं। थोड़ी सी असावधानी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। इस रोड से अक्सर मौजूदा विधायक और पूर्व विधायक गुजरते हैं। शिवाजी चौक से बड़ी दूर तक गड्ढे हैं। ट्रकों की लोडिंग-अनलोडिंग ट्रकों की वजह से सड़क टूट रहीं हैं।
CG News: दत्तात्रेय मंदिर के पास महामाया चौक पर रोज भीड़ जुटती है। सुबह से रात तक ग्राहक अपनी गाड़ियां चौक के किनारे खड़ी रखकर खरीदारी करते हैं। भीड़ के चलते अक्सर सड़क जाम हो जाती है। यह सड़क रायपुर से राजिम, कोपरा, पांडुका, गरियाबंद, मैनपुर, देवभोग, उरमाला, झाखड़पारा होते हुए उड़ीसा तक जाती है। इस रूट पर राजिम से गुजरने वाली सड़कें आए दिन लोडिंग-अनलोडिंग की वजह से ट्रैफिक जाम का कारण बनती हैं। इसकी बड़ी वजह ये कि शहर में कहीं बायपास नहीं है। यह मांग सालों से उठती आई है। कोई कार्रवाई नहीं हुई।
शुक्रवार शाम करीब 4 बजे खरीदारी के लिए बाजार जा रही एक दंपती और उनका बच्चा चौक के करीब बरसाती गड्ढे में गिर गए। डामर उधड़ने के बाद जो बोल्डर-गिट्टी उभर आई है, उससे तीनों काफिल चोटिल हुए हैं। खरीदारी किए बिना कीचड़ से सनकर घर लौटे। बता दें कि इस सड़क पर सुबह 10 से 12 बजे तक और शाम 4 से 5 बजे के बीच स्कूल-कॉलेज जाने-वाले स्टूडेंट्स की काफी भीड़ होती है। शहर समेत आसपास के गांवों से रोज हजारों लोग इस रोड से गुजरते हैं। बता दें कि राजिम में पीडब्ल्यूडी उपसंभागीय कार्यालय है। इसके बावजूद सड़कें खस्ताहाल हैं।
Published on:
20 Jul 2025 09:55 am
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