
घूसखोर सब ऑडिटर गिरफ्तार, 7000 के रिश्वत के साथ ACB ने रंगे हाथ किया गिरफ्तार
बलौदाबाजार. एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने सोमवार को सहकारिता विभाग में कार्यरत सब ऑडिटर गुड़ेश वैष्णव को सात हजार रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। सब ऑडिटर ने प्राथमिक कृषि साख सेवा समिति मर्यादित खैरा के समिति प्रबंधक मनोज दिवाकर से ऑडिट कार्य को क्लीयर बताए जाने के लिए 16 हजार की रिश्वत की मांग की थी।
बातचीत के बाद 12 हजार में मामला तय हो गया था, जिसमें से 5 हजार पहले दिये जा चुके थे। मनोज ने एसीबी कार्यालय में गुड़ेश वैष्णव की शिकायत की। एसीबी ने सोमवार को मनोज को रिश्वत की बकाया बची धनराशि 7000 रुपए देने के लिए भेजा। एसीबी की टीम ने दोपहर में रंगे हाथों रिश्वत लेते सब ऑडिटर को गिरफ्तार कर लिया।
एक सप्ताह में दूसरा घूसखोर गिरफ्तार
बता दें कि एक सप्ताह में यह दूसरी घटना जिसमें एसीबी ने सरकारी कर्मचारी को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। बीते शनिवार को एसीबी ने छत्तीसगढ़ वन विकास निगम के रिटायर सहायक परियोजना अधिकारी से रिश्वत लेते कवर्धा स्थित वन विकास निगम कार्यालय के बाबू को गिरफ्तार किया था।
एसीबी के मुताबिक, 30 सितंबर को रिटायर हुए प्रभुदयाल सिंह चौहान को अपना जमा पैसा निकासी के लिए वन विकास निगम कार्यालय के वरिष्ठ लेखापाल जीपी कंड्रा ने 12 हजार रुपए रिश्वत मांगे थे, लेकिन प्रभुदयाल 9 हजार देने पर राजी हो गया। इसके बाद प्रभुदयाल ने रिश्वत मांगे जाने की शिकायत एसीबी से की।
एसीबी ने प्रभुदयाल को 8 हजार कलर व कैमिकल लगाकर बाबू को देने कहा। प्रभुदयाल ने शनिवार को करीब 11 बजे एसीबी द्वारा दिए 8 हजार रुपए जीपी कुंड्रा को दिए। इसी दौरान एसीबी की टीम ने रंगे हाथों रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया। एसीबी ने बाबू जीपी कंड्रा को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए जेल भेज दिया।
रिटायर कर्मचारी से रिश्वत लेने वाले मामले पर रायपुर एसीबी के डीएसपी बीएल शर्मा ने बताया कि रिटायर कर्मचारी प्रभुदयाल रिश्वत की शिकायत के आधार पर लेखापाल को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया। पूछताछ व दस्तावेजों की जांच की जा रही है।
Published on:
09 Oct 2017 09:56 pm
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