
Arrested clerks
बलरामपुर. छत्तीसगढ़ प्रदेश लिपिक वर्गीय शासकीय कर्मचारी संघ के प्रांतीय निकाय के आह्वान पर बलरामपुर जिले के सभी लिपिक मंगलवार को जेल भरो कार्यक्रम के तहत बलरामपुर में जुटे। इस दौरान उन्होंने अपनी गिरफ्तारी दी।
4 दिन से लिपिक अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। मांगे नहीं माने जाने पर उन्होंने गिरफ्तारी दी। ऑडिटोरियम भवन में अस्थायी जेल बनाकर सभी को रखा गया और फिर शाम को जमानत पर रिहा कर दिया गया।
गौरतलब है कि प्रदेशभर के लिपिक अपनी 2 सूत्रीय मांगों को लेकर 7 सितंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। हड़ताल के दौरान बलरामपुर जिला अध्यक्ष रमेश तिवारी के नेतृत्व में जिले के 210 लिपिकों ने जेल भरो कार्यक्रम के तहत अपनी गिरफ्तारी दी।
बलरामपुर तहसीलदार के निर्देश पर प्रशासन द्वारा सभास्थल पर ही सभी लिपिकों की गिरफ्तारी करके बलरामपुर स्थित ऑडिटोरियम भवन को अस्थायी जेल बनाकर समस्त लिपिकों को निरुद्ध किया गया। फिर शाम को सभी लिपिकों को जमानत पर मुक्त कर दिया गया।
37 साल से वेतन विसंगति की झेल रहे पीड़ा
बलरामपुर जिलाध्यक्ष रमेश तिवारी ने बताया कि प्रदेश भर के लिपिक वेतन विसंगति की पीड़ा विगत 37 वर्षों से झेल रहे हैं। इसे दूर करने के लिये समय-समय पर आंदोलन होते रहे हैं। लेकिन सरकार द्वारा कोई पहल नहीं की जा रही है। बलरामपुर जिले के हर कार्यालय में लिपिकों के अभाव में समस्त शासकीय कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
लिपिकों के हक और अस्मिता की लड़ाई
महिला प्रकोष्ठ की जिलाध्यक्ष नयनतारा सिंह ने बताया कि यह लिपिकों के हक और अस्मिता की लड़ाई है। मांग पूरी नही होने पर आंदोलन को और उग्र किया जायेगा।
Published on:
12 Sept 2018 07:03 pm
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