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जेल से छूटते ही फिर लग गया था इस गंदे धंधे में, इस बार 2 सगे भाइयों को बनाया निशाना

बेहद शातिर है आरोपी, वर्ष 2014 में पुलिस ने गिरफ्तार कर भेजा था जेल, छूटने के बाद फिर कर रहा था वही काम

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Accused in custody

Lifting accused in custody

बलरामपुर. रामानुजगंज में 2 जून को सगे भाइयों की बाइक की डिक्की से कुल 2 लाख 38 हजार रुपए की उठाइगिरी की वारदात की गुत्थी सुलझाते हुए पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी बेहद शातिर है और उठाइगिरी की दो और वारदात को उसने अंजाम दिया था। साथ ही इसी एक मामले में वह जेल भी जा चुका है।


गौरतलब है कि ग्राम विजयनगर के सगे भाई 2 जून को रामप्रसाद यादव व रेवारती यादव रामानुजगंज अपने-अपने बाइक से रामानुजगंज आए थे। दोपहर लगभग 12 बजे रामप्रसाद यादव सेंट्रल बैंक से केसीसी का डेढ़ लाख व जिला सहकारी बैंक से 48 हजार व रेवारती यादव द्वारा ४० हजार रुपए निकाला गया।

दोनों भाई रुपए को बाइक में रखकर भंवरमाल सहकारी समिति के जेल रोड स्थित कार्यालय पहुंचे। यहां दोनों बाइक बाहर खड़ी कर कार्यालय में खाद-बीज लेने गए थे। इसी दौरान अज्ञात चोर ने उनकी बाइक की डिक्की से पूरी रकम पार कर दी थी। इस मामले में एसपी के निर्देश पर एडिशनल एसपी पंकज शुक्ला के नेतृत्व में पुलिस टीम का गठन आरोपी की पतासाजी के लिए किया गया।

पुलिस टीम ने रामानुजगंज के सभी सीसीटीवी फुटेज खंगालने के साथ ही पूर्व में उठाइगिरी की वारदातों में शामिल रहे आरोपियों की खोजबीन शुरू की। इसी दौरान पुलिस टीम को पता चला कि ग्राम ओबरी निवासी गंगेश्वर सिंह उर्फ गंगा पूर्व में उठाइगिरी के मामले में जेल जा चुका है और अभी कुछ दिनों से वह लगातार रामानुजगंज में बाइक से आता-जाता दिखा है।

इस पर पुलिस टीम ने उसे हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की तो उसने 2 लाख 38 हजार के साथ ही दो अन्य उठाइगिरी की वारदात का भी जुर्म कबूल लिया। इस पर पुलिस ने उसे धारा 379 के तहत गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

कार्रवाई में रामानुजगंज एसडीओपी नितेश कुमार गौतम, बलरामपुर थाना प्रभारी शैलेंद्र सिंह, रामानुजगंज थाना प्रभारी सिरील एक्का, एसआई अमित सिंह बघेल, धानू राम चंद्रवंशी, कोमल भूषण पटेल, साइबर सेल से एसआई राजेंद्र पांडे, सुधीर सिंह, मनोज सिंह, मनीष जांगड़े, विकास कुजूर, राधेश्याम विश्वकर्मा, अनिल पटेल, अजेश पाल, संदीप व रोहित शामिल रहे।


जेल से छूटते ही हो गया था सक्रिय
पुलिस ने बताया कि आरोपी बेहद शातिर है, वह वर्ष 2014 में भी 81 हजार 400 रुपए की उठाइगिरी के मामले में जेल गया था। जेल से छूटने के बाद फिर इस अपराध में सक्रिय हो गया था। आरोपी ने रामानुजगंज की घटना के साथ ही २६ फरवरी को सनावल निवासी लालवृक्ष यादव की बाइक से की डिक्की 26 हजार 500 व 25 मई को धौली सनावल निवासी पुरूषोत्म रवि की बाइक की डिक्की से 50 हजार रुपए पार कर दिया था।


बैंक आने-जाने वाले लोगों पर रखता था नजर
पुलिस ने बताया कि आरोपी बैंक आने-जाने वाले लोगों पर नजर रखने के साथ ही उनका पीछा भी करता था। इस दौरान कहीं भी मौका मिलने पर अपने पास रखी चाबी से लोगों की डिक्की खोलकर पूरी रकम पार कर देता था। उठाइरिगी की रकम में से वह अधिकांश रुपए अपने बैंक खाते में जमा कर देता था तथा शेष खाने-पीने में खर्च कर देता था।

लेकिन 2 जून को पार किए गए 2 लाख 38 हजार रुपए उसने घर की पेटी में थैली में छिपाकर रखा था जिसे पुलिस ने बरामद कर लिया। साथ ही अन्य दो मामलों की शेष रकम भी बरामद की गई।