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कलिंग एग्रो कंपनी के नाम देशभर में 3 करोड़ की ठगी, 5 गिरफ्तार, 11 की चल रही खोजबीन

Big Swindle: छत्तीसगढ़ के अलावा बिहार, झारखंड व पश्चिम बंगाल (West Bengal) में भी कर चुके हैं ठगी, रिपोर्ट दर्ज होने के बाद ऑफिस में ताला मारकर फरार हो गए थे आरोपी, पुलिस कर रही थी खोजबीन

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Big Swindle

5 swindlers arrested

बलरामपुर. Big Swindle: कलिंग एग्रो कंपनी के नाम पर रामानुजगंज, शंकरगढ़, त्रिकुण्डा एवं जिला सूरजपुर के प्रतापपुर, लटोरी, जिला सरगुजा के थाना धौरपुर क्षेत्र में हुई ठगी का खुलासा हुआ है। इस मामले में पुलिस ने गिरोह के 5 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से एक कार, 36 नग प्री एक्टिवेटेड सिम, 6 नग मोबाइल व 75 हजार रुपए नकद बरामद किया गया है। गिरोह के अन्य 11 सदस्यों की तलाश जारी है।


बलरामपुर एसपी मोहित गर्ग ने मंगलवार को पत्रवार्ता में पूरे मामले का खुलासा किया। एसपी ने बताया कि ठगी के मामले में पुलिस ने अमित सिंह उर्फ अनुज सिंह पिता रामबीज सिंह उम्र 30 साल निवासी रणवीपुर जिला मऊ यूपी, अजीत सिंह उर्फ वीर सिंह उम्र 28 वर्ष निवासी रणवीपुर जिला मऊ यूपी, रंजीत स्वाईं उर्फ रश्मिरंजन सिंह उम्र 35 वर्ष तेरूनदिया पुरी ओडिशा, धर्मेन्द्र सिंह पिता सबजीत सिंह उम्र 35 वर्ष नरेला दिल्ली मूल निवासी मेहनगर आजमगढ़ व अमित यादव उर्फ प्रमोद यादव निवासी जमनिया गाजीपुर यूपी को गिरफ्तार किया है।

पकड़े गए आरोपियों द्वारा माह दिसम्बर 2021 से अपने 12 अन्य साथियों के साथ बलरामपुर जिले में रामानुजगंज, राजपुर और वाड्रफनगर में कलिंग एग्रो बिजनेस के नाम से ऑफिस खोलकर रामानुजगंज, बसंतपुर व वाड्रफनगर, त्रिकुण्डा, शंकरगढ़ और राजपुर थाना क्षेत्रों के गांवों में घूम-घूम कर लोगों को अलग-अलग प्रजातियों के पौधे बेचकर और उसकी देख-रेख करने के नाम से पहचान बनाए।

फिर माह जनवरी 2022 से अप्रैल तक सभी आरोपियों ने वाड्रफनगर, राजपुर एवं रामानुजगंज में 03 अलग-अलग कैंप बनाकर पौधे बेचने एवं उसकी देखरेख करने का झांसा देकर लोगों को बहला-फुसलाकर पहचान बनाई। मई 2022 में आरोपियों ने प्रार्थियों से यह कहा हम लोग कलिंग एग्रों के नाम से ऑर्गेनिक खाद आप लोगों को देगें जिसका पंचायत, ब्लॉक और जिला स्तर पर डीलरशिप नियुक्त किया जाना है।

इसमें प्रति बोरा बिक्री पर 40 रुपए कमीशन तथा गोदाम का किराया पृथक से एवं मोबाइल खर्चा तथा अन्य फायदे दिए जाएंगे। साथ ही ब्रिकी के आधार पर पंचायत स्तर पर प्रतिमाह 10 हजार, ब्लॉक स्तर 15 हजार एवं जिला स्तर पर 22 हजार रुपए मिलेंगे। इसके लिए आप लोगों को सिक्योरिटी मनी के रूप में आधी रकम अभी देनी होगी।

शेष रकम खाद डम्प होने के पश्चात देनी होगी। ब्रिकी का काम हमारे कर्मचारी करेंगे। आप लोगों को केवल सप्ताह में एक बार हिसाब-किताब की देख-रेख करनी होगी। साथ ही इस ही खाद के डीएपी यूरिया भी लाकर देंगें जिसे आप बेचकर पैसा कमा सकते हैं। इसके लिए आरोपियों ने बाकायदा एग्रीमेन्ट पेपर तैयार कर प्रार्थियों को दिया।

आरोपियों द्वारा रामानुजगंज में कम्पनी का ऑफिस खोलकर मकान मालिक से एग्रीमेंट तैयार किया और इसी के आधार आरोपी धर्मेन्द्र के नाम से अंबिकापुर में जीएसटी में विधिवत कंपनी का रजिस्ट्रेशन कराया और धर्मेन्द्र के नाम से ही बैंक ऑफ बड़ौदा, उत्कर्ष स्मॉल फाइनेंस बैंक, एचडीएफसी बैंक रामानुजगंज में फर्जी आधार कार्ड के आधार पर खाते खोले गए।

इसके समानांतर ही जिला कोडरमा झारखण्ड राज्य में फार्मिंग एग्री कंपनी के नाम से ऑफिस खोला गया। साथ ही आईडीबीआई बैंक कोडरमा में भी खाता खोला गया। आरोपियों द्वारा पीडि़तों को झांसा देने के लिए कलिंग एग्रो के नाम से वेबसाइट भी बनाई गई जिसका पता भुवनेश्वर ओडिसा बताया गया।


ऑफिस में ताला लगाकर हो गए फरार
सभी आरोपियों ने उक्त थाना क्षेत्रों के अलग-अलग गांवों में जाकर पीडि़तों से संपर्क किया। फिर पंचायत, ब्लॉक, जिला स्तर का डीलर नियुक्ति करने का झांसा देकर एग्रीमेन्ट कर लगभग 150 पीडि़तों से पांच लाख से 10 हजार रुपए तक चेक एवं यूपीआई के माध्यम से उपरोक्त खातों में जून माह की 15 तारीख तक लगातार जमा कराते रहे। साथ ही प्रार्थियों को यह विश्वास दिलाते रहे कि जून माह के मध्य में खेती किसानी का समय आएगा।

उसी समय आप लोगों को खाद की डिलीवरी कर दी जाएगी। 15 जून तक उपरोक्त खातों में लगभग 90 लाख रुपए जमा हो चुके थे। बारिश होते ही जब पीडि़त खाद और बीज के लिए आरोपियों के दिए गए नंबरों पर फॉन कर खाद बीज के लिए पूछने लगे तब सभी आरोपी धीरे.धीरे अपने.अपने मोबाईल बन्द कर और सारा सामान लेकर और ऑफिस में ताला लगाकर फरार हो गए।

आरोपियों के मोबाईल नंबर बंद होने से पीडितों को अपने साथ ठगी होने का एहसास हुआ तब जाकर पीडि़तों ने संबंधित थाना क्षेत्रों में ठगी की सूचना दी और पुलिस अधीक्षक बलरामपुर से मिलकर घटना के संबंध में अवगत कराया।


चार टीमों का किया गया था गठन
अपराध की गंभीरता को देखते हुए पुलिस महानिरीक्षकए सरगुजा रेंज अजय यादव, पुलिस अधीक्षक मोहित गर्ग द्वारा संबंधित थानों में तत्काल अपराध दर्ज कर आरोपियों की गिरफ्तारी के निर्देश दिए गए। साथ ही एएसपी प्रशांत कतलम, सुशील नायक व एसडीओपी अनिल विश्वकर्मा के मार्गदर्शन में तत्काल 04 टीमें साइबर सेल प्रभारी निरीक्षक रमाकांत साहू के नेतृत्व में गठित की गई।

इसमें थाना प्रभारी शंकरगढ़ उप निरीक्षक अमित गुप्ता, थाना प्रभारी रामानुजगंज, चौकी प्रभारी उप निरीक्षक विनोद पासवान एवं चौकी प्रभारी बरियों रजनीश सिंहए थाना प्रभारी पस्ता निरीक्षक संतराम आयाम, साइबर टीम को शामिल किया गया।


आरोपियों के 25 से अधिक बैंक खाते
गिरोह का मास्टरमाइंड पकड़ा गया आरोपी रंजीत स्वाईं है। मास्टरमाइन्ड काफी शातिर है। अब तक आरोपियों के 25 से अधिक बैंक खातों का होना पता चला है जिसे पुलिस द्वारा होल्ड कराया जा रहा है। गिरोह में अभी तक कुल 16 आरोपियों का शामिल होना पता चला है जिसमें से 05 आरोपी अब तक गिरफ्तार किए गए हैं। शेष आरोपियों की गिरफ्तारी हेतु 03 टीमें लगातार यूपी एवं बिहार में छापेमारी कर रहीं हंै।

आरोपियों द्वारा बहुत ही शातिराना तरीके से फर्जी सीम चालू कराकर एवं फर्जी नामों का उपयोग कर अपराध को अंजाम दिया गया परन्तु बलरामपुर पुलिस ने सूझबूझ एवं तकनीकी साक्ष्य संकलन कर गिरोह का पर्दाफाश किया है। आईजी द्वारा गिरफ्तारी टीम के उत्साहवर्धन हेतु 25000 रुपए के नकद इनाम की घोषणा की गई है। पुलिस अधीक्षक द्वारा 10 हजार के नकद इनाम की घोषणा की गई है


इन राज्यों में भी की ठगी
आरोपियों द्वारा अब तक छग के अलावा बिहार के पूर्णिया, कटिहार, पश्चिम बंगाल के सोरबाई, मेदनीपुर, वर्धमान जिलों में एवं एमपी के टीकमगढ़ एवं छत्तरपुर और झारखण्ड के कोडरमा जिलों में वारदात करना बताया है परन्तु यह गिरोह पूर्व में नहीं पकड़ा गया है।

उपरोक्त सभी स्थानों को मिलाकर 03 करोड़ से भी अधिक रकम की ठगी की जा चुकी है। अन्य स्थानों में गिरोह में इन 16 सदस्यों के अलावा अन्य आरोपी भी शामिल रहे है। सभी राज्यों की पुलिस को आरोपियों के पकड़े जाने की सूचना दी गई है। गिरोह का छग के अन्य जिले में भी सक्रिय होने की जानकारी मिली हैं।


कार्रवाई में ये रहे शामिल
पकड़े गए पांच आरोपियों से कार, 36 नग प्री एक्टिवेटेड सिम, 6 नग मोबाइल व 75 हजार रुपए नकद बरामद किए गए हैं। आरोपियों की गिरफ्तारी में निरीक्षक रमाकांत साहू, संतराम आयाम, सुषमा सिंह, उप निरीक्षक अमित गुप्ता, विनोद पासवान, रजनीश सिंह, एएसआई संदीप सिंह, रफेल तिर्की, आरक्षक संतोष सिंह, शैलेन्द्र तिवारी, शिव पटेल, अंकित जायसवाल, संतोष गुप्ता, अभिषेक पटेल, रिंकु गुप्ता, साइबर सेल से प्रधान आरक्षक कलेश्वर तिर्की, आरक्षक मगल सिंह, अमित निकुंज, अमरेन्द्र सिंह, राजकमल सैनी, प्रदीप साना सक्रिय रहे।