
Chhattisgarh snake bite
राजपुर. 12 वर्षीय एक छात्र शुक्रवार की सुबह अपने घर से बाहर निकल रहा था। इसी दौरान दरवाजे पर लटके जहरीले सांप ने उसके हाथ में डस (Snake bite) लिया। सांप को देखकर छात्र चिल्लाने लगा तो दौड़कर घरवाले पहुंचे। उन्होंने सांप को देखा तो कलेजा कांप गया।
इसके बाद उन्होंने सांप को कैद कर लिया। इधर घरवाले उसे तत्काल अस्पताल ले जाने की बजाय घर पर ही झाडफ़ूंक कराने लगे। यहीं उन्होंने गलती कर दी और 2 घंटे बाद ही छात्र ने दम तोड़ दिया।
बलरामपुर जिले के राजपुर थानांतर्गत ग्राम धंधापुर के डूमरपारा निवासी कृष्णा गोंड़ पिता रामप्रसाद 12 वर्ष 6वीं कक्षा में पढ़ता था। शुक्रवार की सुबह करीब 6 बजे वह सोकर उठा और घर से बाहर निकल रहा था। इसी दौरान घर के दरवाजे पर लटके गेहूंआ सांप ने उसके हाथ में डस (Chhattisgarh snake bite) लिया। यह देख कृष्णा बचाओ-बचाओ की आवाज लगाने लगा।
आवाज सुनकर परिजन दौड़कर वहां पहुंचे। उन्होंने सांप को देखा तो समझ गए कि उसने बालक को डस लिया है। फिर उन्होंंने सांप को कैद कर लिया। इसके बाद उन्होंने बालक को अस्पताल ले जाने की बजाय झाडफ़ूंक के लिए घर पर ही बैगा को बुला लिया। यहीं पर उन्होंने गलती कर दी।
झाडफ़ूंक के बीच बालक की तबीयत बिगड़ती चली गई और करीब 8 बजे उसकी मौत हो गई। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पीएम के लिए अस्पताल भिजवाया। पीएम पश्चात शव उसके परिजन को सौंप दिया गया। बालक की मौत से परिजनों में मातम पसरा है।
अस्पताल लाते तो बच सकती थी जान
सांप डसने (Chhattisgarh snake bite) के बाद ग्रामीण क्षेत्र के लोग अक्सर पीडि़त को तत्काल अस्पताल ले जाने की बजाय उसका झाडफ़ूंक कराने लगता है। ऐसे में सांप का जहर पीडि़त के शरीर में फैल जाता है और उसकी या तो वहीं या अस्पताल पहुंचकर मौत हो जाती है।
शासन द्वारा अब तक लोगों में यह जागरुकता लाने का प्रयास किया गया है कि सांप डसने (Snake bite) की स्थिति में पीडि़त को तत्काल अस्पताल ले जाएं लेकिन जागरुकता के अभाव में लोग झाडफ़ूंक कराते है। ऐसे में देर हो जाने पर डॉक्टरों द्वारा भी उसकी जान बचा पाना मुश्किल हो जाता है।
सांप डसने से संबंधित अन्य खबरें पढऩे के लिए क्लिक करें- Chhattisgarh rh Snake bite
Published on:
09 Aug 2019 06:23 pm
बड़ी खबरें
View Allबलरामपुर
छत्तीसगढ़
ट्रेंडिंग
