
दलित परिवार पर हुआ जानलेबा हमला, कार्रवाई न हुई तो धर्म परिवर्तन करने को होंगे मजबूर
बांदा. भारत देश में दलितों के उत्पीड़न का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब उत्तर प्रदेश के बांदा में एक बार फिर दलित परिवार पर कुछ उच्च जाति द्वारा हमला किए जाने का मामला प्रकाश में आया है। जमीनी विवाद के चलते पड़ोस के उच्च वर्ग के लोगों के हमले में दलित परिवार की चार महिलाएं घायल हुई हैं, जिनमें एक बुजुर्ग महिला भी शामिल हैं। आज पीड़ित दलित परिवार बांदा अपर एसपी से मिला व न्याय की गुहार लगाते हुए कहा की यदि उनकी सुनवाई नहीं होगी तो हम सभी एक परिवार के 24 लोग धर्म परिवर्तन करते हुए हिन्दू जाति को त्याग कर अन्य जाति को अपनाने पर मजबूर होंगे।
दलित परिवार पर हमला
जानकारी के मुताबिक, यह घटना बांदा के बिंसड़ा थाना क्षेत्र के तेंदुरा गांव की है जहां गुरुवार की सुबह अचानक उच्च जाति ने दलित परिवार पर हमला कर दिया। जिसमें परिवार की चार , महिलाएं घायल हो गई, जिनमें एक बुजुर्ग महिला भी सामिल है। बता दें कि हमले के वक्त घर पर परिवार की सिर्फ महिला सदस्य ही मौजूद थीं। घटना की सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने सभी घायलों को अस्पताल पहुंचाया। आज पीड़ित परिवार अपर एसपी से मिला व ज्ञापन के माध्यम से न्याय की गुहार लगाई है।
घर में घुसकर सभी की मारपीट
पुलिस में दर्ज शिकायत में दलित परिवार ने आरोप लगाया है कि अगड़ी जाति के संतराम सिंह, उसका बेटा अमित सिंह, लालू सिंह और दो महिलाएं सावित्री व सपना ने उपले उठाने से दलित महिला को रोक दिया। जब वह नहीं मानी तब इस समूह के आधा दर्जन लोगों ने उस पर हमला बोल दिया। पीड़ित परिवार ने बताया की घर में सिर्फ महिलाएं थी व एक बुजुर्ग थे। घर के सभी मर्द काम से गए हुए थे तभी गांव के कुछ दबंगों ने घर में घुसकर सभी को मारा-पीटा है जिसमें सबको गंभीर छोटे आई है। बताया कि दबंगों ने पहले शिवकलिया को मारना-पीटना शुरू कर दिया, फिर शिवकलिया को बचाने पहुंची 32 वर्षीय गुड्डन, 16 वर्षीय रोशनी और 29 वर्षीय सुनीता को भी मारा-पीटा गया।
गांव के कई मकानों पर कब्ज़ा
पीड़ित परिवार के मुखिया संतोष ने बताया कि हमले के समय घर में सिर्फ महिलाएं थीं। जबकि वह किसी जरूरी काम से इलाहाबाद गया हुआ था। पीड़ित परिवार का आरोप है कि हमला करने वाला सवर्ण परिवार उनसे उनका घर छीनना चाहता है क्योंकि सवर्णों के मोहल्ले में वह अकेले दलित है। पीड़िता परिवार ने यह भी बताया कि उनका घर छीनने के लिए उच्च जाति का उन पर यह छठा हमला है। बताया की उच्च जाति के लोग गांव के कई मकानों पर कब्ज़ा कर चुके हैं और अब उसका मकान छीनना चाहते हैं।
मोहल्ले में अकेला दलित परिवार है
इस घटना के बारे में बांदा अपर एसपी ने बताया कि अगड़ी जाति के एक समूह ने दलित परिवार पर हमला करके घर के सभी सदस्यों को मारा-पीटा। उस समय घर की बुजुर्ग महिला सदस्य 58 वर्षीय शिवकलिया घर के पिछवाड़े गोबर के उपले उठाने गई थीं। घटना की सूचना एसपी, थानाध्यक्ष सहित कई पुलिस अधिकारियों को दे दी गई है। अपर एसपी के अनुसार पीड़ित परिवार से बयां के मुताबिक पीड़ित परिवार उच्च जाति के निवासियों से वहारे मोहल्ले में अकेला दलित परिवार है और सवर्ण नहीं चाहते कि वे मोहल्ले में रहें।
Published on:
27 May 2018 04:38 pm
