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Bengaluru News: जल्दी अमीर बनने की लालच; घर में ही छापने लगा 500-500 के जाली नोट, मशीन और 338 नकली नोट जब्त

Bengaluru Fake Currency Case: बेंगलूरु में एक अपार्टमेंट में मशीनें लगाकर 500 रुपए के जाली नोट छापने और उन्हें बाजार में चलाने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
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Bengaluru Fake Currency Case

Bengaluru Fake Currency Case: Photo Patrika

Bengaluru News: बेंगलूरु। कुंबलगोडु पुलिस ने किराए के एक अपार्टमेंट में मशीनें लगाकर 500 रुपए के जाली नोट छापने और उन्हें बाजार में चलाने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दोनों के कब्जे से 500 रुपए के 338 जाली नोट, एक फोटोकॉपी मशीन, एक लैपटॉप, एक कार, मोबाइल फोन और अन्य उपकरण जब्त किए हैं। जब्त सामान की कुल कीमत करीब 3.29 लाख रुपए बताई गई है। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि जाली नोटों का कितना हिस्सा बाजार में खपाया जा चुका है।

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अरविंद के.सी. (47) और पी. वेंकटसुब्रमणि (41) के रूप में हुई है। अरविंद बेंगलूरु में रह रहा था, जबकि वेंकटसुब्रमणि चेन्नई का निवासी है। पुलिस के अनुसार, दोनों का पहले कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं मिला है।

मुखबिर की सूचना से खुला मामला

पुलिस के मुताबिक, 3 जुलाई को सूचना मिली थी कि बीडीए अपार्टमेंट में रहने वाला एक किराएदार जाली नोटों का इस्तेमाल कर रहा है। सूचना के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। उसी दिन केंचनहल्ली क्रॉस के पास से अरविंद को गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में अरविंद ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि वह 500 रुपए के जाली नोट छापता था और उन्हें चेन्नई में अपने साथी वेंकटसुब्रमणि के माध्यम से चलाता था। इसके बाद उसे अदालत में पेश कर 10 दिन की पुलिस हिरासत में लिया गया।

जल्दी पैसा कमाने के लिए शुरू किया था धंधा

पुलिस हिरासत में पूछताछ के दौरान अरविंद ने बताया कि उसने जल्दी पैसा कमाने के लालच में जाली नोट छापने का काम शुरू किया था। उसकी निशानदेही पर पुलिस की एक टीम ने 7 जुलाई को चेन्नई के मारुति नगर इलाके से वेंकटसुब्रमणि को गिरफ्तार किया। पुलिस ने 4 से 8 जुलाई के बीच दोनों आरोपियों के बेंगलूरु और चेन्नई स्थित ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया।

इसके बाद दोनों को संबंधित अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि जाली नोटों का कितना हिस्सा बाजार में खपाया जा चुका है और इस रैकेट से जुड़े अन्य लोगों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करने के प्रयास किए जा रहे हैं।