11 जून 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

बेग को देवेगौड़ा से जमीर के मंत्री बनाए जाने पर आपत्ति

जद-एस के सात बागी विधायकों ने जमीर के नेतृत्व में की विधानसभा चुनाव से ऐन पहले कांग्रेस का दामन थामा था

2 min read
Google source verification
roshan beg

बेग को देवेगौड़ा से जमीर के मंत्री बनाए जाने पर आपत्ति

बेंगलूरु. सिद्धरामय्या सरकार में मंत्री रहे बेग भी इस बार मंत्रिमंडल में जगह पाने में सफल नहीं हो पाए। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि पत्ता कटने की जानकारी मिलने के बाद बेग ने जद-एस के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवेगौड़ा से भी संपर्क साधा। बेग ने देवेगौड़ा से जमीर अहमद को कांग्रेस के कोटे से मंत्री बनाए पर भी आपत्ति की। जद-एस के सात बागी विधायकों ने जमीर के नेतृत्व में की विधानसभा चुनाव से ऐन पहले कांग्रेस का दामन थामा था। अनुसूचित जाति से आने वाले पूर्व मंत्री सतीश जारकीहोली के समर्थकों ने भी विधानसौधा के बाहर उन्हें मंत्री बनाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया।

पूर्व मंत्री एच.के. पाटिल को मंत्री नहीं बनाने के खिलाफ उनके समर्थकों ने बुधवार को गदग में विरोध मार्च निकाला और परमेश्वर, के. सी.वेणुगोपाल व सिद्धरामय्या के खिलाफ नारेबाजी की। उधर, दावणगेरे से विधायक व पूर्व मंत्री शामनूर शिवशंकरप्पा को मंत्री नहीं बनाने के खिलाफ उनके समर्थकों ने शहर में सड़कों पर टायर जलाया व विरोध मार्च निकालकर प्रदर्शन किया।

खबर है कि शामनूर को मंत्री नहीं बनाए जाने के खिलाफ पार्टी के एक ब्लॉक अध्यक्ष व 39 स्थानीय निकाय सदस्यों ने सामूहिक इस्तीफा प्रदेश अध्यक्ष जी परमेश्वर को भेज दिया। उधर, धारवाड़ जिले के कुंदगोल से तीन बार विधायक रह चुके सी.एस. शिवल्ली ने मंत्री नहीं बनाने पर कड़ी नाराजगी जताई है और अपने समर्थकों के साथ चर्चा करने के बाद पार्टी छोडऩे सहित अगला राजनीतिक कदम उठाने की चेतावनी दी है। शिवल्ली के समर्थकों ने भी टायर जलाया और अर्ध नग्र प्रदर्शन किया।

विधानसभा चुनाव में शिवमोग्गा जिले से कांगे्रस के इकलौते विधायक बी के संगमेश ने भी मंत्री नहीं बनाए जाने पर नाराजगी जताई है। संगमेश लगातार तीसरी बार भद्रावती से विधायक चुने गए हैं। संगमेश ने कहा कि उन्हें परमेश्वर और शिवकुमार ने मंत्री बनाने को भरोसा दिया था और अगर उन्हें मंत्री नहीं बनाया जाता है तो वे पार्टी छोडऩे पर भी विचार कर सकते हैं।

बड़ी खबरें

View All

बैंगलोर

कर्नाटक

ट्रेंडिंग