
जयधुरंधर मुनि ने जिन शासन में अभिनव मार्ग प्रशस्त किया
बेंगलूरु. महावीर धर्मशाला में मंगलवार को जयधुरंधर मुनि की दीक्षा जयंती के उपलक्ष्य में जयमल जैन श्रावक संघ ने बधाई देते हुए संयमी जीवन में उत्तरोत्तर प्रगति की मंगल काना की।
प्रचार-प्रसार समिति संयोजिक महावीर चोरडिय़ा ने बताया कि ग्यारह वर्ष पूर्व 21 नवम्बर के दिन जयधुरंधर मुनि ने जिन शासन में अभिनव मार्ग प्रशस्त करते हुए पत्नी, दो पुत्र एवं एक पुत्री के साथ दीक्षा ग्रहण की।
दीक्षा के बाद से ही आप प्रत्येक बुधवार मौन धारण कर वाणी नियंत्रण रखते हैं। दोनों सांसारिक पुत्र जयकलश मुनि एवं जयपुरंदर मुनि आपके पदचिन्हों पर चलते हुए जिन शासन की शोभा बढ़ा रहे हैं।
वहीं पुत्री एवं पत्नी ने समणी दीक्षा अंगीकार की है, जिनमें समणी श्रीनिधि प्रमुख हैं और उनके नेतृत्व में अनेक समणियां जिन शासन के प्रचार में रत हैं।
समणी श्रीनिधि ने चातुर्मास अमरीका में एवं पर्युषण पर्व लंदन में किया, जहां से लौटने पर बेंगलूरु में साधु वंदना वीडियो, क्विज का अयोजन किया गया।
समणी श्रुतनिधि को ध्यान, योग, साधना में महारत है, जिसके माध्यम से वे युवा पीढ़ी को संस्कारवान बना रही हैं।

Published on:
21 Nov 2018 05:16 pm
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