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सहज रूप से जीवन जीएं

आचार्य ने कहा कि बिना धर्म चिंतन और बिना प्रभु के अनुग्रह के समाधि मृत्यु होती नहीं
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बैंगलोर

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Ram Naresh Gautam

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Updated: 9 Aug 2018, 5:17 PM IST

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सहज रूप से जीवन जीएं

बेंगलूरु. शांतिनगर जैन श्वेताम्बर मूर्तिपूजक संघ की ओर से आयोजित प्रवचन कार्यक्रम में आचार्य महेन्द्रसागर सूरी ने कहा कि जीवन को जीना सौभग्य है, लेकिन मृत्यु से भयभीत होकर जीवन से चिपके रहना सही नहीं है। सहज रूप में जीवन जीएं और जब मौत आए तब उसे जीवन का हिस्सा समझकर सहज स्वीकार कर लें। आचार्य ने कहा कि बिना धर्म चिंतन और बिना प्रभु के अनुग्रह के समाधि मृत्यु होती नहीं। अत: हमेशा और आखिरी सांस तक समाधि बनी रहे- ऐसी प्रार्थना और ऐसे भाव होने चाहिए। जीवन भी एक यात्रा है। जन्म के साथ यह यात्रा प्रारंभ होती है और मृत्यु पर इस यात्रा का समापन होता हे। जिसे जीवन जागृत रहते इसका आभास हो गया वह मौत से
नहीं डरता।


मनुष्य को सच्चे सुख की पहचान नहीं
बेंगलूरु. वीवीपुरम स्थित सीमंधर शांति सूरी जैन ट्रस्ट की ओर से आयोजित चातुर्मास कार्यक्रम में आचार्य चन्द्रभूषण सूरीश्वर ने कहा कि आज दुनिया मोह में अंधी बनकर सुख के पीछे दौड़ रही है लेकिन उन्हें सच्चे सुख की पहचान नहीं है। पैसा, पद, प्रतिष्ठा के पीछे लोग पागल बन रहे हैं। चक्रवर्ती हो या बादशाह हो उनको भी पैसा सुख देने में समर्थ नहीं है। नेता हो या अभिनेता हो पद उनको भी सुख देने में समर्थ नहीं। करोड़पति हो या उद्योगपति उनकी भी प्रतिष्ठा उन्हें सुख देने में अक्षम है। उन्होंने कहा कि सच्चा सुख पाना अपने हाथ में है। अगर सही लक्ष्य मोक्ष को निश्चित करो तो ही सच्चा सुख प्राप्त हो सकता है।


कहानियों से दी धर्म व विज्ञान की शिक्षा
बेंगलूरु. वीतराग विज्ञान ट्रस्ट, जैन पाठशाला की ओर से आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रीय वक्ता अतुल जैन ने 30 बच्चों व 25 अभिभावकों को अपने द्वारा लिखी बहुत ही सरल कहानियों से धर्म, विज्ञान व सामान्य ज्ञान की शिक्षा प्रदान की। जैसे गाय की कहानी से कैसे आप लक्ष्य पर हरदम, हर वक्त ध्यान केंद्रित करें, गौतम बुद्ध की कहानी से कैसे अपने जीवन में बुरी भावनाओं को लेकर आगे न चलें आदि। जैन सोशल ग्रुप इंटनेशनल फेडरेशन बेंगलूरु ईस्ट की अध्यक्ष रितु जैन ने अतुल जैन को सम्मानित किया। धन्यवाद रविंद्र वोहरा ने दिया। महामंत्र नवकार से सभा की समाप्ति हुई।