
रंगोली बनाकर दिया मतदाता जागरूकता का संदेश
धारवाड़. जिला स्वीप समिति की ओर से धारवाड़ के पुराने बस स्टैण्ड में बुधवार सुबह मतदान के महत्व के बारे में लोगों में जागरूकता लाने के लिए रंगोली प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इसमें विद्यार्थियों, शिक्षकों तथा अधिकारियों ने रंगोली बनाकर जनता का ध्यान इस ओर खींचा और मतदान के महत्व को समझा।
जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी दीपा चोळन तथा जिला पंचायत सीईओ डॉ.बी.सी. सतीश ने स्वयं रंगोली प्रतियोगिता में भाग लेकर जनता में मतदान जागृति पैदा करने का प्रयास किया। इस अवसर पर विभिन्न स्कूलों व कॉलेजों के विद्यार्थियों, शिक्षकों तथा अधिकारियों ने इवीएम, चुनाव आयोग का लोगो, मतदान करने बाद की उंगली, फूल, मतदान जागृति, विवाह आमंत्रण समेत विविध प्रकार के रंगोली चित्र, मतजागृति छत्री आदि के रंगोली से चित्र बनाए गए।
ग्रामीण इलाकों के सैकड़ों यात्रियों ने भी बस से उतरने के पश्चात सीधे रंगोली प्रतियोगिता स्थल पर आकर विविध चित्रों को देखा और खुशी का इजहार किया। इस अवसर पर जिलाधिकारी तथा विद्यार्थियों ने केक काट कर बच्चों में वितरित किया।
बस स्टैण्ड आकर यात्रियों से भी देश के विकास के लिए मतदान करने की अपील की गई। इस दौरान अंजुमन कॉलेज के विद्यार्थियों ने यात्रियों एवं अन्य लोगों की हथेली पर मतदान का अधिकार एवं कर्तव्य आदि संदेशों को मेहंदी से लिखा।
इस अवसर पर सार्वजनिक शिक्षा विभाग के उप निदेशक जी.बी. मन्निकेरी, बीईओ एम.एल. हंचाटे, ए.ए. काजी, विद्या नाडिगेर, के.एम. शेखर सहित अनेक अधिकारियों व शिक्षकों ने कार्यक्रम में भाग लिया।
मुनियप्पा को अल्पसंख्यकों ने सुनाई खरी-खोटी
कोलार. कोलार लोकसभा क्षेत्र से गठबंधन के उम्मीदवार केएच मुनियप्पा को अल्पसंख्यक नेताओं ने जमकर खरी-खोटी सुनाई। मुनियप्पा ने कई साल बाद अल्पसंख्यक नेताओं से संपर्क कर उनके समर्थनमें प्रचार करने का अनुरोध किया था। इसी अनुरोध पर अंजुमन के सभागार में एक बैठक की गई। सबसे पहले मुनियप्पा ने अपनी बात रखी और सात बार सफलता प्राप्त करने और उनकी सफलता मेें अल्पसंख्यकों की भूमिका पर भी रोशनी डाली।
मुनियप्पा अपनी तारीफ के पुल बांंधते गए। इस पर नेता उठ खड़े हुए और कहा कि आप स्वार्थी हंै। किसी को आज तक विश्वास में नहीं लिया। जिले में अल्पसंख्यकों की एक बड़ी आबादी होने के बावजूद इस वर्ग से किसी को भी आज तक विधायक नहीं बनाया गया। किसी भी कार्यकर्ता को उभरने का अवसर नहीं दिया गया। केवल अपने परिवार के सदस्यों की ही चिंता थी। पुत्री को केजीएफ विधानसभा क्षेत्र से विधायक बनवा दिया। आज भी कोलार जिले में पानी का संकट है। दो बार केंद्रीय मंत्री बनने पर इस जिले के लिए बहुत कुछ किया जा सकता था।
Published on:
04 Apr 2019 11:35 pm
