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आफत की बारिश में मसीहा बन रहे प्रवासी राजस्थानी

राजस्थान के ही जालोर जिले के दांतीवाड़ा गांव निवासी भंवर पुरोहित के घर तथा अन्य लोगों के घरों में पानी भर गया

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आफत की बारिश में मसीहा बन रहे प्रवासी राजस्थानी

बेंगलूरु. बारिश से बेहाल कोड़ुगू जिले के कुशालनगर में बाढ़ प्रभावितों को राहत एवं बचाव कार्य पहुंचाने में राजस्थानी प्रवासी आगे खड़े दिख रहे हैं। जालोर जिले के बागरा निवासी सुरेश रावल ऐसे ही स्वत: स्फूर्त बचावकर्मी के रूप में काम कर रहे हैं। उन्होंने कई घरों में पानी घुसने के बाद मुसीबत में फंसे लोगों को बचाया है। राजस्थान के ही जालोर जिले के दांतीवाड़ा गांव निवासी भंवर पुरोहित के घर तथा अन्य लोगों के घरों में पानी भर गया। तभी रावल गर्दन तक भरे पानी में उतरे और पीडि़तों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। इसके अलावा कई वृद्ध, बच्चों व महिलाओं का बचाव किया है। सुरेश के कार्यों की खूब सराहना हो रही है।


मडिकेरी व कुशालनगर के प्रवासियों ने बताए हाल
मण्ड्या. बीते आठ दिनों से बारिश के कारण कुशालनगर व मडिकेरी में बसे राजस्थान के प्रवासियों ने फोन पर रविवार को वहां के हालात बताए। कुशालनगर से ओमप्रकाश सीरवी ने बताया कि सुनटीकोप्पा, गुन्नीकोप्पा, विराजपेट, सुमारपेट, कोप्पा के ग्रामीण प्रदेश बाढ़ से त्रस्त हैं। लोगों के घर व दुकानें पानी में डूब गए हैं। खेतों में पानी भरने से धान की फसल बर्बाद हो चुकी है। बचाव दल व गोताखोरों की मदद से लोगों को सुरक्षित निकाला जा रहा है। हड़तवाड़ी राहत शिविर में लोगों को भेजा गया है। मैसूरु से राजस्थान के विभिन्न संगठनों के समाज बंधु, जिला प्रशासन, अन्य संगठनों व संस्थाओं की राहत सामग्री पहुंच रही है।

मडिकेरी के राजूराम बर्फा ने महादेवपेटे शिविर स्थल पर राहत सामग्री बांटते हुए बताया कि पानी से बाहर निकाले गऐ लोगों को भोजन करवाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मोबाइल नेटवर्क की समस्या के कारण लोगों को सम्पर्क करने में परेशानी हो रही है। पहाड़ी क्षेत्र पर बसेे मकंनदुर, हालेरी, कालुर, मुकडुल, ततिपाल, मदापुरा, हट्टीवोले, मदेनाड, जोडपाल, तालतमने, इंद्रानगर, शास्त्रीनगर आदि गांवों में हालत सबसे भयानक बताए जा रहे हैं। लोगों को बचाने के लिए राष्ट्रीय आपदा राहत एवं बचाव दल के कर्मचारी व जिला पुलिस प्रयास कर रही है।

घर के बाहर खड़े वाहन मिट्टी के मलबे में दब चुके हैं। पहाड़ी प्रदेश होने के कारण रेस्क्यू टीम को परेशानी आ रही है। मेंगलूरु-मडिकेरी मुख्य राजमार्ग और मडिकेरी-विराजपेट मार्ग पर भूमि धसने से आवागमन बंद कर दिया गया है। लोगों को भोजन के लिए मडिकेरी ग्रामीण क्षेत्र के अलग-अलग जगहों पर 12 राहत शिविर लगाए गए हैं।