14 जून 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

बारिश के कारण लोगों को समस्या हुई तो जिम्मेदार होंगे पालिका के अधिकारी

समीक्षा बैठक में सीएम की दो टूक

2 min read
Google source verification
rain

बारिश के कारण लोगों को समस्या हुई तो जिम्मेदार होंगे पालिका के अधिकारी

बेंगलूरु. मुख्यमंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने मानसून के मद्देनजर तैयारियों को लेकर बृहद बेंगलूरु महानगर पालिका (बीबीएमपी) के पदाधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक की। उन्होंने कहा कि यदि वर्षाजनित स्थिति शहरवासियों को परेशानी हुई तो उसके लिए संबंधित अधिकारी जिम्मेदार होंगे। मानसून से पूर्व पालिका ने दावा किया था कि बारिश के दौरान किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयारियां कर ली गई हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्षा जल निकासी के नालों से अतिक्रमण हटाने में अधिकारी विफल रहे हैं।

उन्होंने की खिंचाई करते हुए कहा कि संपत्ति कर संग्रहित करने और संपत्तियों की सटीक समीक्षा का कार्य भी अधिकारियों से नहीं होता है तो फिर कार्यालय आने की जरूरत नहीं है। वह घर पर आराम करें। सरकार उनके निवास को वेतन भेजने की व्यवस्था करेगी। कुमारस्वामी ने कहा कि हर साल मानसून आरंभ होने से पहले ही तैयारियां क्यों नहीं पूरी कर ली जाती हैं।

शहर में जगह-जगह गड्ढे हैं और उन्हें बंद करने का प्र्रयास नहीं किया। गड्ढे भरने के लिए विदेश से आधुनिक मशीन मंगवाई गई हैं। इस मशीन का कितना उपयोग हो रहा है, इसका विवरण दिया जाए। निचले स्तर के इलाकों में बारिश से होने वाली समस्याों से निपटने के लिए क्या आवश्यक कदम उठाए गए हैं, इसकी भी जानकारी दी जाए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निचले इलाकों में जलजमाव और नालों के उफने की समस्या से निपटने के लिए पर्याप्त इंतजाम करने और एहतियाती कदम उठाने के भी निर्देश दिए।

उन्होनें कहा कि पालिका के सभी क्षेत्रों के लिए नियंत्रण कक्ष 24 घंटे काम करे। नागरिकों से मिलने वाली शिकायतों का शीघ्र समाधान हो। घटना स्थल पहुंच कर राहत एवं बचाव कामों को अविलंब अंजाम दिया जाए। अगर कहीं पेड़ या बिजली के खंभे गिरे हैं तो संबंधित विभागों के कर्मचारियों को तुरंत वहां भेजा जाए। मानसून खत्म होने तक नियंत्रण कक्ष में बेस्कॉम के कर्मचारियों की तैनाती की व्यवस्था की जाए। मैं खुद औचक निरीक्षण कर नियंत्रण कक्ष की कार्यप्रणाली देखूंगा।

जल्दी भरे जाएं सड़कों के गड्ढे
उन्होंने निर्देश दिए कि सभी सड़कों की मरम्मत कर गड्ढे भरने काम शीघ्र पूरा हो। गड्ढे भरने और सड़कों की मरम्मत की जिम्मेदारी ठेकेदारों को दी गई थी, फिर अचानक सड़कें खस्ता कैसे हो गईं, इस सिलसिले में ठेकेदारों को नोटिस जारी कर उनसे जुर्माना वसूलें। उन्होंने पालिका के अधिकारियों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि अब सभी अधिकारियों को मेहनत और लगन से काम करना होगा। पिछली सरकार में क्या हुआ और क्या नहीं हुआ, इस बारे में कोई जानकारी नहीं चाहिए।

बरसाती नालों से गाद निकालने का काम अरसे से जारी है, जिसे पूरा किया जाए। सबसे पहले बारिश से प्रभावित होने वाले क्षेत्रों के बरसाती नालों की सफाई की जाए। दूसरी तरफ बारिश के अवसर पर अक्सर यातायात जाम हो जाता है। इसलिए अंडर पास और ग्रेड सेपरेटर के नीचेे जमा पानी को पंप कर बाहर निकालने में देरी न हो। मुख्यमंत्री ने कचरा निस्तारण व्यवस्था पर शिकायतों को लेकर भी अधिकारियों की खिंचाई की। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छता सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसे सुनिश्चित किया जाना चाहिए। कुमारस्वामी ने कहा कि शहर के कचरा निस्तारण व्यवस्था को और भी बेहतर बनाए जाने की आवश्यकता है। बैठक में महापौर आर. संपतराज के अलावा पालिका आयुक्त महेश्वर राव समेत कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।