
राज्य में परिवहन हड़ताल का नहीं पड़ा असर
बेंगलूरु. राजधानी बेंगलूरु सहित राज्य के अन्य हिस्सों में मंगलवार को विभिन्न परिवहन संचालकों की ओर से आहूत राष्ट्रव्यापी हड़ताल का ज्यादा असर नहीं पड़ा। राज्य में सरकारी परिवहन निगमों ने आम दिनों की तरह ही बसों का परिचालन किया। सरकारी परिवहन निगमोंं के कर्मचारियों के प्रमुख संगठन ने हड़ताल का समर्थन नहीं किया था। बेंगलूरु मेें ऐप्प आधारित कैब सेवाओं का परिचालन भी सामान्य रहा। हालांकि, कुछ ऑटो चालक संगठनों ने हड़ताल का समर्थन किया। टैक्सी चालक संघ के एक गुट ने फ्रीडम पार्क में प्रदर्शन भी किया।
हड़ताल के आहवान के बावजूद प्रदेश के अन्य स्थानों पर बी बस सेवाएं सामान्य रहीं। हालांकि, मेंगलूरु से केरल के कासरगोड़ की तरफ जाने वाली बसों को रोक लिया गया क्योंकि पड़ोसी राज्य केरल के कई हिस्सों में हड़ताल रखी गई। बीदर से तेलंगाना तथा आंध्रप्रदेश राज्यों में जाने वाली बसों को एहतियात के तौर पर स्थगित कर दिया गया। बहरहाल, राजधानी बेंंगलूरु में अखिल भारतीय ट्रेड यूनियन कांग्रेस( एआईटीयूसी) तथा कुछ टैक्सी संघों ने शहर के टाऊन हाल के सामने प्रदर्शन किया। उन्होंने टाऊन हाल से लेकर फ्रीडम पार्क तक विरोध मार्च निकालने के बाद राजभन में जाकर राज्यपाल को इस संबंध में ज्ञापन दिया। इस दौरान शहर में आटोरिक्शा तथा टेेक्सियों की परिवहन सेवाएं जारी रहीं।
ओपन बुक परीक्षा में शामिल हुए 150 विद्यार्थी
मैसूरु. नृपतुंगा कन्नड़ स्कूल के 150 विद्यार्थी मंगवार को ओपन बुक (खुली किताब ) परीक्षा में शामिल हुए। कन्नड़, अंग्रेजी, हिन्दी, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान विषयों की परीक्षा में कक्षा पांच से 10 तक के विद्यार्थी शामिल हुए। जबकि गणित विषय को इस परीक्षा से बाहर रखा गया। कन्नड़ विकास शैक्षणिक समाजिक सांस्कृतिक संस्था ने परीक्षा का आयोजन किया।
संस्था के सुदर्शन ने बताया कि ओपन बुक परीक्षा के फायदे-नुकसान को समझने के लिए परीक्षा का आयोजन किया गया। हाल ही में प्राथमिक व माध्यमिक शिक्षा मंत्री एन. महेश ने ओपन बुक परीक्षा के आयोजन की बात कही थी। परीक्षा की रिपोर्ट शिक्षा विभाग को भेंजेंगे।
Published on:
08 Aug 2018 08:38 pm
