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सत्ता में अब नए चेहरों को भी मिले अवसर

कांग्रेस कार्यकर्ताओं की मांग, प्रदेश पदाधिकारियों की बैठक
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सत्ता में अब नए चेहरों को भी मिले अवसर

बेंगलूरु. बार-बार एक ही व्यक्ति को मंत्री बनाने के बदले में नए चेहरों को भी सत्ता में आने का अवसर मिलना चाहिए। शनिवार को शहर में प्रदेश कांग्रेस समिति के पदाधिकारियों की बैठक में पार्टी के कई नेता तथा कार्यकर्ताओं ने प्रदेश अध्यक्ष डॉ जी. परमेश्वर के सामने यह मांग रखी। इस बैठक में हाल में संपन्न विधानसभा चुनाव में पार्टी के प्रदर्शन को लेकर आत्मावलोकन किया गया।

बैठक में कई नेताओं ने कहा कि जो लोग इससे पहले 3 या 4 बार मंत्री बने हैं ऐसे लोगों की बजाय नए युवा चेहरों को अवसर प्रदान किया जाए।
अगर ऐसे युवा नेताओं को हम सत्ता से दूर रखेंगे तो ऐसे नेताओं को कैसे प्रशासनिक अनुभव मिलेगा? कई नेताओं ने जनता दल (ध) को खुश रखने के लिए पार्टी के नेताओं की अनदेखी पर आपत्ति व्यक्त करते हुए कहा कि इससे भविष्य में पार्टी को भारी नुकसान होगा। गठबंधन सरकार की मजबूरी के नाम पर हम पार्टी के संगठन को कैसे तहस-नहस कर सकते हैं?

निगम तथा बोर्ड की अध्यक्षता के आवंटन करते समय चुनाव के दौरान पार्टी के लिए सेवा देने वाले कार्यकर्ताओं का भी ध्यान रखना चाहिए, विधायकों को खुश करने के लिए पार्टी कार्यकर्ताओं की अनदेखी नहीं कर सकती है। बताया जाता है कि बैठक में कई नेताओं ने राज्य में 78 सीटों पर जीत के बावजूद सरकार में जद (ध) का जूनियर पार्टनर बनने पर आपत्ति व्यक्त करते हुए कहा कि इससे पार्टी को नुकसान होगा। चुनाव के दौरान हमने जद (ध) के कार्यकर्ताओं के साथ संघर्ष किया कई जगह पर जद (ध) के कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस के कार्यकर्ताओं की पिटाई भी की है, ऐसे में अब स्थानीय स्तर पर जद (ध) के कार्यकर्ताओं के साथ दोस्ती करना कैसे संभव होगा?
बैठक में परमेश्वर ने कहा कि शायद उनकी अध्यक्षता में यह पार्टी की अंतिम बैठक होगी। शीघ्र ही पार्टी का आलाकमान नए प्रदेश अध्यक्ष पद पर नए नेता का चयन करेगा। परमेश्वर ने कहा कि इस पद के लिए कई दावेदार हैं जो योग्य भी हैं। बैठक में कार्यकर्ता तथा नेताओं ने जो विचार रखे हैं, वे यह विचार पार्टी आलाकमान के सामने रखेंगे। लेकिन किसी भी मामले को लेकर इस बैठक में कोई फैसला लेना उनके लिए असंभव है। विधायकों के मंत्री पद मांगने के बारे में पूछे जाने पर परमेश्वर ने कहा कि बैठक में लोगों ने दो बार मंत्री रह चुके नेताओं को मौका नहीं देने का सुझाव दिया है।
हाल में संपन्न विधानसभा चुनाव में पार्टी की हार को लेकर राज्य के सभी जिला कांग्रेस इकाइयों के अध्यक्षों को रिपोर्ट पेश करने के लिए कहा गया है। सितम्बर माह में नगर निकायों के चुनाव हो रहे हैं। इस चुनाव की हमें तैयारी करनी होगी।

नेताओं ने जताई नाराजगी
बैठक में पदाधिकारियों ने विभागों के बंटवारे में जनता दल (ध) के सामने झुकने को लेकर नाराजगी जताई।
बताया जाता है कि पार्टी के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने कुमारस्वामी को पांच वर्षों तक मुख्यमंत्री पद पर बरकरार रखने के लिए किए गए लिखित समझौते पर आपत्ति व्यक्त करते हुएप्रदेश प्रभारी के.सी. वेणुगोपाल को इस समझौते को लेकर कई सवाल दागे। कई पदाधिकारियों ने जद (ध) को ज्यादा महत्वपूर्ण विभाग दिए जाने पर आपत्ति करते हुए कहा कि इससे जद (ध) से संघर्ष करने वाले कार्यकर्ताओं के मनोबल पर प्रतिकूल असर पड़ेगा। बैठक में नेताओं ने कहा कि मैसूरु तथा उत्तर कर्नाटक में कांग्रेस की वोक्कलिगा तथा लिगांयत जैसे प्रभावी समुदाय कांग्रेस से अलग-थलग होने के कारण हुई है। वोक्कलिगा समुदाय ने जद (ध) के पक्ष में मतदान किया तो लिंगायत समुदाय ने भाजपा के पक्ष में मतदान करने से यहां कांग्रेस की बुरी तरह से हार हुई है। इस पर परमेश्वर ने कहा कि वोक्कलिगा तथा लिंगायत समुदाय पार्टी से क्यों दूर हुए इसकी जानकारी प्राप्त करने के लिए एक समिति का गठन किया गया है, जो 20 दिन में रिपोर्ट देगी।

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