
परमेश्वर अचानक गए सिंगापुर
बेंगलूरु. टीपू जयंती के आयोजन को लेकर मुख्यमंत्री का नाम आमंत्रण पत्र में नहीं होने के बाद से ही राजनीतिक गलियारों में चर्चा थी कि कुमारस्वामी कार्यक्रम में शामिल नहीं होना चाहते हैं। हालांकि, मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया था कि चिकित्सकों ने उन्हें स्वास्थ्य लाभ के लिए तीन तक विश्राम करने की सलाह दी है और वे 11 नवम्बर तक परिवार के साथ समय बिताएंगे। साथ ही इस दौरान उनका कोई आधिकारिक कार्यक्रम नहीं होगा। इसके बाद कुमारस्वामी मैसूरु के पास एक रिजार्ट में चले गए थे। हालांकि, चर्चा है कि पूर्व में टीपू जयंती का विरोध कर चुके कुमारस्वामी ने असहज स्थिति से बचने के लिए यह विकल्प चुना था। शुक्रवार शाम से ही राजनीतिक गलियारों में परमेश्वर के भी कार्यक्रम से अनुपस्थित रहने की चर्चा थी। बताया जाता है कि डॉ जी परमेश्वर सिंगापुर में उपचार करा रहे पूर्व मंत्री सी. चेन्नीगप्पा से मिलने के मिलने चले गए और शनिवार देर रात वापस शहर लौटेंगे। परमेश्वर और चेन्नीगप्पा तुमकूरु जिले के रहने वाले हैं। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के तौर पर आमंत्रित विधान परिषद के कार्यवाहक सभापति व जद-एस नेता बसवराज होरट्टी के अलावा कांग्रेस नेताओं में आवास मंत्री यू टी खादर, पूर्व मंत्री तनवीर सेत, विधान पार्षद सी एम इब्राहिम, राज्यसभा के पूर्व उपसभाति के. रहमान खान, पूर्व केंद्रीय मंत्री सी.के. जाफर शरीफ भी समारोह में शामिल नहीं हुए।
समारोह के आयोजक कन्नड़ व संस्कृति विभाग के अधिकारियों का कहना था कि समय को लेकर गलफत के कारण परमेश्वर कार्यक्रम में शामिल नहीं हो पाए। मंत्री जमीर अहमद ने कुमारस्वामी व परमेश्वर की अनुपस्थिति का बचाव करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री कुछ कारणों से भाग नहीं ले पाए जबकि परमेश्वर समय में हुए बदलाव की सही जानकारी नहीं होने के कारण शिरकत नहीं कर पाए। जमीर ने कहा कि परमेश्वर को यह पता था कि कार्यक्रम शाम 6 बजे होगा जबकि इसका समय बदल कर सुबह 11.30 बजे किया जा चुका था। शाम में कार्यक्रम होने के कारण ही परमेश्वर ने दोपहर 3-4 तक बेंगलूरु लौटने के लिए जल्दी आने वाले विमान का टिकट लिया था ताकि वे समय पर लौट सकें लेकिन समय बदल जाने के कारण वे नहीं पहुंच सके। हालांकि, सियासी गलियारों में चर्चा है कि परमेश्वर के विभाग के पास ही सुरक्षा की जिम्मेदारी थी और उन्हें ही समय का पता नहीं हो यह असंभव है।
शिवकुमार भी लौट गए थे कार्यक्रम स्थल से
चिकित्सा शिक्षा मंत्री डी.के.शिवकुमार सबसे पहले विधानसौधा पहुंचे। लेकिन तब तक किसी मंत्री या जनप्रतिनिधि के उपस्थित नहीं होने से नाराज होकर वापस चले गए। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री जमीर अहमद खान किसी तरह शिवकुमार को मना कर वापस लाए। शिवकुमार रामनगर जाने की तैयारी कर रहे थे। कार्यक्रम का समय होने पर भी कोई भी मंत्री या जनप्रतिनिधि के नहीं आने पर कन्नड़ एवं सस्कृति मंत्री डॉ.जयमाला और सूचना एवं सार्वजनिक संपर्क विभाग के निदेशक एन.आर.विशु कुमार परेशान होकर इधर-उधर भटकते नजर आए।
Updated on:
11 Nov 2018, 8:04 PM IST
Published on:
11 Nov 2018, 8:04 PM IST
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