
डीके शिवकुमार। (Photo-IANS)
Karnataka Bulldozer Action: कर्नाटक में बेंगलुरु में कांग्रेस सरकार ने करीब 400 घरों पर बुलडोजर कार्रवाई की है। इसमें अधिकांश मुस्लिम परिवार प्रभावित हुए हैं। इसको लेकर लेफ्ट पार्टियों और विपक्ष ने सिद्धारमैया सरकार पर हमला तेज कर दिया है। केरल के सीएम पिनाराई विजयन ने कांग्रेस सरकार की कार्रवाई की आलोचना की। पिनाराई के बयान पर डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार ने प्रतिक्रिया दी है।
उन्होंने पिनाराई के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वरिष्ठ नेताओं को जमीनी हकीकत समझे बिना टिप्पणियों से बचना चाहिए। डिप्टी सीएम ने आगे कहा कि यह कार्रवाई किसी खास समुदाय के खिलाफ नहीं है, बल्कि सार्वजनिक भूमि की सुरक्षा के लिए की गई थी।
इस दौरान डीके शिवकुमार ने यह भी कहा कि कांग्रेस सरकार बुलडोजर की राजनीति नहीं करती है, बल्कि अपनी जमीन और सार्वजनिक संपत्ति को बचाने की कोशिश कर रही है। साथ ही उन्होंने कहा कि हममें मानवता है। लोगों को दूसरी जगह बसने का अवसर दिया गया। इनमें से बहुत कम लोग स्थानीय हैं।
बता दें कि बेंगलुरु में हुई बुलडोजर कार्रवाई को लेकर केरल सीएम ने सिद्धारमैया सरकार पर निशाना साधा था। उन्होंने इसे बेहद चौंकाने वाला और पीड़ादायक बताया था और आरोप लगाया था कि इन इलाकों में कई वर्षों से मुस्लिम समुदाय के लोग रह रहे थे। उन्होंने कर्नाटक सरकार पर “उत्तर भारतीय बुलडोज़र न्याय मॉडल” अपनाने का आरोप लगाया था।
केरल के मुख्यमंत्री ने यह भी सवाल उठाया था कि कांग्रेस शासित कर्नाटक सरकार गरीबों को आवास उपलब्ध कराने के बजाय जबरन बेदखली को कैसे सही ठहरा सकती है। उन्होंने इन कार्रवाइयों को अल्पसंख्यक विरोधी आक्रामक राजनीति बताया और कहा कि सिद्धारमैया सरकार से ऐसी उम्मीद नहीं थी।
बता दें कि बेंगलुरु की फकीर कॉलोनी और वसीम लेआउट में करीब 400 घरों पर बुलडोजर कार्रवाई की गई। यह ऑपरेशन बेंगलुरु सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट लिमिटेड की ओर से किया गया, जिसमें चार जेसीबी मशीनों और करीब 150 पुलिसकर्मियों की मदद ली गई।
Updated on:
27 Dec 2025 06:00 pm
Published on:
27 Dec 2025 06:00 pm
