
उत्तर कर्नाटक की उपेक्षा पर राजनीति: सियासी रोटियां सेंकने में जुटे नेता
बेंगलूरु. लोकसभा चुनाव करीब आने के साथ ही अच्छे परिणाम के लिए राजनीतिक दल अभी से सीमकरण को साधने में जुट गए हैं। सभी पार्टियां अपने-अपने हिसाब से जनता की भावनाओं को भुनाने की कोशिश कर रही है। सत्तारुढ़ जद-एस जहां ऋण माफी के सहारे अपने राजनीतिक जमीन मजबूत करने में जुटी है वहीं गठबंधन सरकार में भागीदार कांग्रेस ऋण माफी के अलावा भाग्य योजनाओं को भुनाने की कोशिश कर रही है। धानसभा चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर उभरी भाजपा सत्ता से दूर रहने के लिए मजबूर होने के बावजूद अपनी जमीन मजबूत बनाए रखने के लिए जूझ रही है ताकि लोकसभा चुनाव में वह गठबंधन की दोनों पार्टियों से आगे रहे।
उत्तर कर्नाटक की कथित उपेक्षा को लेकर उपजा राजनीतिक विवाद को भी तीनों पार्टियों अपने-अपने हिसाब से भुनाने की कोशिश कर रही है। सैद्धांतिक तौर पर ऐसे मांग को विरोध करने के बावजूद तीनों पार्टियां अपने-अपने हितों की रक्षा के लिए दांव-पेंच आजमा रही हैं। भाजपा भी अलग उत्तर कर्नाटक की मांग को बाकी दोनों दलों की तरह खारिज कर रही है लेकिन परोक्ष तौर पर इस मांग को हवा भी दे रही है। शुक्रवार को भाजपा के दो वरिष्ठ नेताओं ने इस मसले पर विरोधाभासी बयान दिए।
भाजपा के विधायक बी.श्रीरामुलू ने कहा कि वे अलग उत्तर कर्नाटक के लिए आंदोलन का नेतृत्व करने को तैयार हैं जबकि भाजपा की सांसद शोभा करदंलाजे ने कहा कि अलग राज्य की मांग समस्या का समाधान नहीं है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बी एस येड्डियूरप्पा पहले ही ऐसे मांगों को औचित्यहीन करार चुके हैं। पूर्व मुख्यमंत्री येड्डियूरप्पा ने कहा था कि ऐसे मांगों से किसी समस्या का समाधान नहीं होना है।
क्षेत्र से अन्याय नहीं होने दूंगा : पाटिल
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व पूर्व जल संसाधन मंत्री एम.बी. पाटिल ने कहा कि उत्तर कर्नाटक क्षेत्र के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा और वे इस क्षेेत्र के साथ अन्याय होने नहीं देंगे। पाटिल ने कहा कि भाजपा नेता बी. श्रीरामुलु ने पृथक उत्तर कर्नाटक की मांग का समर्थन किया है लेकिन यह उनकी पार्टी भाजपा का बयान नहीं है। वे पार्टी के नजरिए की घोषणा करें। उन्होंने कहा कि उत्तर कर्नाटक के साथ अन्याय हुआ है और उन्हें इस बात का दुख है लेकिन वे उत्तर कर्नाटक को पृथक राज्य बनाने के इच्छुक नहीं हैं। वे इस आंदोलन का नेतृत्व नहीं करेंगे।
उत्तर कर्नाटक से बनेंगे कांग्रेस के 4 मंत्री
उधर, राजनीतिक हलकों मेंं चर्चा है कि कांग्रेस अगले मंत्रिमंडल विस्तार में अपने कोटे के 6 में से 4 मंत्री पद उत्तर कर्नाटक के नेताओं को देगी ताकि पार्टी को लोकसभा चुनाव में नुकसान ना हो।
एचके क्षेत्र के संगठनों ने भी किया समर्थन का ऐलान
बेंगलूरु. उत्तर कर्नाटक की उपेक्षा के विरोध में विभिन्न संगठनों के 2 अगस्त को प्रस्तावित बंद को हैदराबाद-कर्नाटक (एचके) क्षेत्र के संगठनों ने भी समर्थन देने की घोषणा की है। कर्नाटक होराटा समिति के अध्यक्ष एएस भद्रशेट्टी ने शुक्रवार को कलबुर्गी में कहा कि उत्तर कर्नाटक में अनेक सिंचाई परियोजनाएं दशकों से लंबित हैं, जिनका काम अभी तक पूरा नहीं हो सका है। राज्य सरकारों के सौतेले व्यवहार के कारण उत्तर कर्नाटक दक्षिण कर्नाटक जिले की तुलना में लगातार पिछड़ता जा रहा है। भद्रशेट्टी ने उत्तर कर्नाटक के सभी तेरह जिलों के विभिन्न संगठनों से 2 अगस्त को आहूत बंद को समर्थन देने की अपील की है।
Published on:
28 Jul 2018 07:43 pm
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