
बेंगलूरु. राज्य के गृहमंंत्री रामलिंगा रेड्डी ने शनिवार को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के उस बयान को चुनावी नौटंकी करार दिया जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर 12 मई को होने वाले कर्नाटक विधानसभा चुनाव के बाद राज्य में भाजपा की सरकार बनती है तो उनकी पार्टी गौहत्या पर प्रतिबंध लगा देगी।
रेड्डी ने कहा, वर्ष-२०१४ में देश में भाजपा की सरकार बनने के बाद दुनिया में ब्राजील के बाद भारत मांस का दूसरा सबसे बड़ा निर्यातक देश बन गया है और बीफ निर्यात में देश में १४ प्रतिशत की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है। उन्होंने कहा, देश के शीर्ष दो मांस निर्यातक राज्यों में महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश है जहां भाजपा की सरकारें हैं। भाजपा शासित गोवा में प्रतिदिन ३० से ५० टन के बीच बीफ की खपत है। भाजपा के केन्द्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने कहा था कि वे बीफ खाते हैं और कोई भी उन्हें बीफ खाने से नहीं रोक सकता। रेड्डी ने कहा, मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पूछता हूं कि क्या पूर्वोत्तर के राज्यों में, जहां भाजपा की सरकारें हैं, बीफ पर प्रतिबंध लगाएंगे?
उन्होंने कहा कि मैं व्यक्तिगत रूप से हर उस पशु की हत्या पर प्रतिबंध का समर्थन करता हूं जिनका उपयोग खाने के लिए किया जाता है। भाजपा इसके लिए प्रतिबद्ध नहीं है। गौहत्या प्रतिबंध पर शाह का बयान सिर्फ एक दिखावा है क्योंकि महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश में कुछ भाजपा नेताओं ने ही गौ मांस के लिए बूचडख़ाने खोल रखे हैं। रेड्डी ने कहा, भारत से वर्ष-२०१७ में १८५० मीट्रिक टन बीफ का निर्यात हुआ और वित्त वर्ष २०१५-१६ के दौरान बीफ निर्यात से २६,६८२ करोड़ रुपए का राजस्व आया। उम्मीद जताई जा रही है बीफ निर्यात में जल्द ही भारत ब्राजील को पीछे छोडक़र पहले पायदान पर आ जाएगा।
पिछले कुछ समय के दौरान अमित शाह के राज्य के विभिन्न मठों का दौरा करने पर उनकी आलोचना करते हुए रेड्डी ने कहा कि चुनाव को देखते हुए शाह मठों में जा रहे हैं न कि उन्हें उन संतों के प्रति प्रेम है जो निस्वार्थ भाव से लोगों की सेवा करते हैं। उन्होंने कहा, शाह एक व्यापारी हैं। उनका संबंध देश के बड़े व्यापारियों से है। उनका संबंध नीरव मोदी जैसे व्यापारी से रहा है जो हजारों करोड़ रुपए का लोन लेकर देश से फरार हो गए। उन्होंने कहा कि कर्नाटक को ऐसे लोगों से संबंध बनाने की कोई जरुरत नहीं है जो नीरव मोदी जैसे धोखेबाज व्यापारियों से संबंध रखते हों।
संघ कार्यकर्ताओं द्वारा की गई हत्याओं पर चुप क्यों?
उन्होंने शाह के उस बयान की भी निंदा की जिसमें शाह ने कहा था अगर भाजपा की सरकार बनी तो २५ से ज्यादा हिन्दूवादी कार्यकर्ताओं की हत्याओं के आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा और उन्हें सजा दिलाई जाएगी।
उन्होंने कहा, कर्नाटक सरकार ने पहले ही उन हत्याओं के आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और उनके खिलाफ अदालत में सुनवाई चल रही है। ऐसे में शाह को किसी व्यक्ति को दंडित करने की आवश्यकता कहाँ है?
उन्होंने कहा कि सिर्फ १० मामलों में ही हिंदूवादी कार्यकर्ताओं की हत्या धार्मिक कारणों से हुई थी जबकि शेष सभी मामलों में निजी कारणों से हत्याएं हुईं थीं। रेड्डी ने कहा, अमित शाह संघ परिवार के कार्यकर्ताओं द्वारा कर्नाटक में पीएफआई और एसडीपीआई के १२ कार्यकर्ताओं की हत्या पर क्यों नहीं बोलते हैं?
Published on:
01 Apr 2018 12:27 am
