
तेरापंथ सभा बेंगलूरु की कार्यकारिणी ने ली शपथ
बेंगलूरु. कर्नाटक के जैन श्वेताम्बर तेरापंथ सभा बेंगलूरु की नवनिर्वाचित कार्यकारिणी का शपथ ग्रहण रविवार को साध्वी कंचनप्रभा आदि ठाणा-5 के सान्निध्य में तेरापंथ सभा भवन गांधीनगर में हुआ।
शहर के समस्त तेरापंथ महिला मंडलों की अध्यक्ष एवं मंत्री के मंगलाचरण से शुरू हुए समारोह के मुख्य अतिथि मेजर जनरल नरपतसिंह राजपुरोहित थे। नवनिर्वाचित अध्यक्ष मूलचंद नाहर को महासभा उपाध्यक्ष एवं सभा अध्यक्ष कन्हैयालाल गिडिय़ा ने पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई और उनका कार्यकाल गौरवमय होने की कामना की।
इसके बाद नाहर ने कार्यकारिणी की घोषणा करते हुए उपाध्यक्ष दीपचंद नाहर, कैलाशचंद बोराणा, सुशील कुमार चोरडिया, सचिव प्रकाशचंद लोढ़ा, संयुक्त सचिव सम्पत चावत, संजय बांठिया, संगठन मंत्री ललित आच्छा तथा कोषाध्यक्ष अशोक कोठारी, पूर्व अध्यक्ष कन्हैयालाल गिडिया, पूर्व मंत्री रमेशचंद कोठारी को शपथ दिलाई। कार्यकारिणी में 62 कार्यसमिति सदस्य, 27 परामर्शक सलाहकार सदस्य और 34 विशेष आमंत्रित सदस्यों के नामों की भी घोषणा की गई।
दीपचंद नाहर ने मुनि रणजीत कुमार और रामेश मुनि, साध्वी मधुस्मिता के मंगल संदेश का वाचन किया। ज्ञानशाला प्रभारी प्रेम कोठारी, दलीचंद धोका, बंशीलाल पितलिया व अन्य गणमान्यजनों ने विचार व्यक्त किए। राजस्थान पत्रिका के स्थानीय संपादक राजेन्द्र शेखर व्यास, ट्रस्ट अध्यक्ष बहादुर सेठिया, तेरापंथ सभा यशवंतपुर के अध्यक्ष प्रकाश बाबेल, तेयुप अध्यक्ष गौतम मांडोत, देवराज नाहर, अभातेयुप अध्यक्ष विमल कटारिया आदि उपस्थित थे। संचालन रमेश कोठारी व दीपचंद नाहर ने किया।
गुरु, संतों के नाम से मिलती है शिक्षा व शक्ति: मेजर जनरल
मुख्य अतिथि मेजर जनरल ने मंगलकामनाएं देते हुए कहा कि हमें तेरापंथ समाज से सीख लेनी चाहिए। गुरु, संतों के नाम से शिक्षा और शक्ति मिलती है। आदर्श विद्या संघ के केके भंसाली ने कहा कि भार उन्हीं पर आता है जो सहन कर सकते हैं। नाहर के पास धर्म सभा के प्रति निष्ठा का बड़ा शस्त्र है।
वीणा बैद ने कहा कि व्यक्ति शक्ति संपन्न हो सकता है लेकिन भक्ति की भी अपनी एक पात्रता होती है। जैन तुलसी फाउण्डेशन के मुख्य ट्रस्टी हीरालाल मालू ने कहा कि हम सभी का दायित्व है कि अध्यक्ष नाहर के आदेश की पालना करेंगे। साध्वी कंचनप्रभा ने अध्यक्ष नाहर व पदाधिकारियों को मंगलकामनाएं देते हुए सफल कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं दीं। साध्वी मंजू रेखा ने कहा कि गुरु के चरणों में लक्ष्मी होती है। यह हमारे ग्रंथ कहते हैं।

Published on:
11 Jun 2018 04:49 pm
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