उन्होंने कहा कि हमारी बढ़ती हुई आयु में स्मृति की कमी होने का बहुत बड़ा प्राकृतिक कारण नहीं होता है। कम स्मृति के लिए व्यक्ति स्वयं दोषी है, क्योंकि पढ़ाई छोडऩे के बाद व्यक्ति सीखने की चिंता भी छोड़ देता है। मुनि रमेश कुमार ने स्मृति विकास के लिए महाप्राण ध्वनि, दीर्घ श्वास प्रेक्षा, ज्ञान केंद्र पर पीले रंग के साथ णमो णाणस्स एवं ऐं जैसे प्रभावी मंत्रों का न्यास के साथ जप भी कराया।