
क्रोध का कोई भाव नहीं होता
बेंगलूरु. वद्र्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ चिकपेट शाखा के तत्वावधान में गोडवाड़ भवन में उपाध्याय रविंद्र मुनि के सान्निध्य में रमणीक मुनि ने कहा कि मेरी भावना का मनन, चिंतन ध्यानपूर्वक पाठ करने वाले व्यक्ति को आगम पढऩे की जरूरत नहीं। दुनिया के जितने भी सकारात्मक ग्रंथ कोष हैं वे सभी इसमें समाहित है।
मुनि ने कहा कि क्रोध का कोई भाव नहीं होता। क्रोध आता है और चला जाता है क्रोध स्वभाव में तभी बदलता है जब वह पड़ा रहता है ऐसे में क्रोध पाप में बंध जाता है। गांठ भी क्रोध की नहीं वैर भाव की होती है। क्रोध आता भी अहं से है इसे वैर में नहीं बदलना चाहिए। जो लोग रिश्तों में झुकना नहीं जानते वह प्रेम आनंद और सफलता प्राप्त नहीं कर सकते। आदर देने वाला आशीर्वाद लेता ही है यानी जो किसी का सम्मान, इज्जत करना जानता है वही किसी का आशीर्वाद दुआएं शुभकामनाएं ले सकता है।
प्रारंभ में उपाध्याय रविंद्र मुनि ने मंगलचारण किया। रमणीक मुनि ने औंकार का सामूहिक उच्चारण करा जैन धर्म के चार संप्रदायों की जय करवाई। ऋषि मुनि ने गीतिका सुनाई। पारस मुनि ने मांगलिक प्रदान की। चिकपेट शाखा के महामंत्री गौतमचंद धारीवाल ने बताया कि मंगलवार को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के अवसर पर चिकपेट युवा शाखा टीम के तत्वावधान में एक विशाल अहिंसा रैली का आयोजन किया गया है।
सुबह 9 बजे से स्थानीय टाउन हॉल से गोडवाड़ भवन तक शहर के विभिन्न कॉलेज, स्कूलों के विद्यार्थी इसमें भाग लेंगे। वही प्रवचन श्रृंखला के तहत गोडवाड़ भवन के अहिंसा समवसरण के मंच से उपाध्याय रविंद्र मुनि व रमणीक मुनिजी की निश्रा में संत प्रेमचन्द की 118 वी जन्म जयंती पर तथा उपप्रवर्तक पारस मुनि की 50वीं दीक्षा जयंती पर विशेष व्याख्यान होगा।
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महाभिषेक को लेकर बैठक संपन्न
बेंगलूरु. आचार्य मुक्तिसागर सूरी के मार्गदर्शन में होने वाले पाŸव जन्म दीक्षा कल्याणक पर महाभिषेक को लेकर आराधना भवन में बैठक हुई। समिति के गौतम मुथा व जयदीप शाह ने बताया कि आयोजन के लिए जयनगर शालिनी मैदान और बसवनगुडी के नेशनल ग्राउंड तय किए गए हैं। महाभिषेक में मुख्य अतिथि के लिए प्रधानमंत्री मोदी को न्यौता देने कमेटी दिल्ली जाएगी।
Published on:
02 Oct 2018 05:27 pm
