
Banswara News: राजस्थान के बांसवाड़ा जिले के सज्जनगढ़ थाना क्षेत्र में मंगलवार रात एक भीषण सड़क हादसे में चाचा-भतीजे की दर्दनाक मौत हो गई। कालाखूंटा गांव के पास सीमेंट से भरे कंटेनर और बोलेरो की आमने-सामने टक्कर हो गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बोलेरो के अगले हिस्से के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार दोनों बुरी तरह से फंस गए। करीब आधे घंटे तक मदद के लिए कराहते रहे। पुलिस को इसकी सूचना दी गई तब जाकर उन्हें निकाला गया।
हादसे के बाद दोनों चाचा-भतीजे करीब आधे घंटे तक गाड़ी में फंसे रहे और मदद के लिए पुकारते रहे। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और काफी मशक्कत के बाद करीब आधे घंटे के बाद दोनों को बाहर निकाला गया। गंभीर हालत में उन्हें बांसवाड़ा के महात्मा गांधी अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही दोनों ने दम तोड़ दिया। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
थानाधिकारी धनपत सिंह के अनुसार, मांडली छोटी गांव निवासी बसु (30) अपने भतीजे कन्हैयालाल (25) के साथ बोलेरो की सर्विस करवाने बांसवाड़ा गया था। दोनों काम खत्म कर अपने गांव लौट रहे थे, तभी रास्ते में यह हादसा हो गया। कंटेनर जालोर की तरफ से आ रहा था, जिससे आमने-सामने भिड़ंत हो गई। इतनी जोरदार भिड़त में दोनों की मौत हो गई।
बसु सूरत में कारीगर के रूप में काम करता था और होली के त्योहार पर अपने गांव आया हुआ था। उसे 25 मार्च को वापस सूरत लौटना था, लेकिन उससे पहले ही हादसे ने उसकी जिंदगी छीन ली। बसु अपने पीछे तीन बेटियां और एक छोटे बेटे को छोड़ गया है। वहीं कन्हैयालाल अविवाहित था और डंपर पर खलासी का काम करता था।
इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे गांव में शोक की लहर है। एक ही परिवार के दो सदस्यों की एक साथ मौत ने हर किसी को स्तब्ध कर दिया है। पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। परिवार वालों के रो-रोकर बुरे हाल है।
Updated on:
25 Mar 2026 04:06 pm
Published on:
25 Mar 2026 02:02 pm
