7 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

catch_icon

प्लस

epaper_icon

ई-पेपर

profile_icon

प्रोफाइल

राजस्थान का रण : भाजपा ने बागीदौरा में खेमराज पर फिर खेला दांव, कुशलगढ़ में भीमाभाई फिर से मैदान में

www.patrika.com/banswara-news

2 min read
Google source verification
banswara

राजस्थान का रण : भाजपा ने बागीदौरा में खेमराज पर फिर खेला दांव, कुशलगढ़ में भीमाभाई फिर से मैदान में

बांसवाड़ा. बागीदौरा. जिले की बहुचर्चित बागीदौरा विधानसभा सीट पर भाजपा ने एक बार फिर खेमराज गरासिया को चुनावी रण में उतारा है। गरासिया पिछले चुनाव में भी पार्टी प्रत्याशी बनाया था, लेकिन उन्हें पराजय का सामना करना पड़ा था, लेकिन खेमराज को विगत पांच वर्षों से मुख्यमंत्री और गृहमंत्री से सीधे जुड़ाव का लाभ मिला है और अब वे लगातार दूसरी बार अपना चुनावी भाग्य आजमाएंगे। भाजपा इस बार बागीदौरा सीट को कांगे्रस से हथियाने के लिए पूरा जोर लगाने की जुगत में है। सुराज गौरव यात्रा के दौरान भी मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के गांगड़तलाई में सभा की। वहीं गृहमंत्री भी अपने कई कार्यक्रम यहां कर चुके है। गरासिया को टिकट मिलने की जानकारी के बाद खुशी से लबरेज समर्थक व कार्यकर्ता रात करीब डेढ़ बजे तक उनके निवास पर डटे रहे।

जनता की राय से विकास को देंगे गति
भाजपा सरकार ने बागीदौरा क्षेत्र में पिछले पांच सालों में मानगढ़ धाम सहित विभिन्न जरूरतों को पूरा किया है। इसके बाद भी लोगों की जो भी आवश्यकताएं हैं उन्हें पूरी करने का प्रयास किया जाएगा। जनता की राय लेकर विकास कार्यों का खाका तैयार करेंगे। विशेष रूप से नहरी तंत्र को सुदृढ़ बनाने के लिए काम करेंगे।

प्रत्याशी का ‘आधार’
आमदनी: खेतीबाड़ी से
सोशल मीडिया: फेसबुक पर 591 मित्र, ट्विटर पर अकाउंट नहीं
पहचान: भाजपा कार्यकर्ता के रूप में सक्रिय। पिछले पांच वर्षों से क्षेत्र में सतत संपर्क।
अनुभव: दो दशकों से भी अधिक समय से राजनीति में सक्रिय। पूर्व में पत्नी भी आनंदपुरी पंचायत समिति की प्रधान रही। कार्यकर्ताओं से भी सीधा जुड़ाव।
अक्सर कहां मिलते हैं: अपने मूल निवास नाहरपुरा के अतिरिक्त बागीदौरा मुख्यालय पर।

राजस्थान का रण : मोदी और शाह की मौजूदगी में भाजपा ने वागड़ के तीन विधायकों के टिकट काटे, नए चेहरों पर खेला दांव

बांसवाड़ा. कुशलगढ़. गुजरात और मध्यप्रदेश की सीमाओं से सटे कुशलगढ़ विधानसभा सीट पर भारतीय जनता पार्टी के चिह्न पर पिछले चुनाव में पहली बार ‘कमल’ खिलाने वाले भीमा भाई डामोर पर पार्टी ने फिर से विश्वास जताया है। वर्षों तक जनता दल में रहे और गत विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा में आए डामोर को जीत का तोहफा संसदीय सचिव के रूप में भी मिला। उनके समर्थकों की मानें तो विधायक ने क्षेत्र में विकास के कई काम कराए हैं और कई काम अधूरे हैं जो दूसरी बार मौका मिलने पर पूरे कराकर आदिवासी बहुल क्षेत्र की जनता को राहत दिलाएंगे। रविवार देर रात भीमा भाई को एक बार फिर से प्रत्याशी बनाए जाने की घोषणा होते ही पार्टी कार्यकर्ता खुशी से झूम उठे और उनके समर्थन में नारेबाजी भी की।

क्षेत्रीय विकास में जी-जान से काम करेंगे
भाजपा नेतृत्व में मुझ पर दोबारा विश्वास किया है। विधायक रहते हुए कुशलगढ़ क्षेत्र के विकास के लिए कई काम कराए हैं। जो काम अधूरे रह गए हैं, उन्हें पूरा करने के लिए जी-जान से जुटेंगे। माही का पानी सिंचाई व पेयजल के लिए कुशलगढ़ लाने व विकास के लिए पूरी ताकत लगाकर काम करेंगे जन विश्वास कायम रखेंगे।

प्रत्याशी का ‘आधार’
आमदनी: खेतीबाड़ी से
सोशल मीडिया: फेसबुक पेज पर 628 लाइक्स, ट्विटर पर मात्र 11 फॉलोवर।
पहचान: जन समस्याओं के समाधान के लिए तत्पर रहने वाले जमीनी नेता।
अनुभव: तीन बार लेम्प्स अध्यक्ष, एक बार प्रधान, जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्य। 2013 में पहली बार विधायक बने। बाद में संसदीय सचिव बनाया गया।
अक्सर कहां मिलते हैं: कुशलगढ़ उपखंड मुख्यालय पर।