
बांसवाड़ा : न जीएसटी बढ़ी और न ही पेट्रोल-डीजल के भाव, फिर भी सीमेंट के दामों में भारी इजाफा, निर्माण कार्य प्रभावित
बांसवाड़ा. भवन निर्माण में काम में आने सीमेंट के दामों में चंद दिनों में प्रति बोरी 80 से 90 रुपए तक का इजाफा हो गया है। इसका सीधा असर सरकारी इमारतों व नए भवन निर्माण कार्यों पर पड़ा है और इससे सीजन के समय निर्माण कार्यो में मंदी की आशंका है। गर्मियो में दिन बड़े होने के कारण भवन निर्माण कार्यों के लिए सीजन माना जाता है। इस दौरान लोग नए भवन निर्माण व भवन संबंधी कई मरम्मत कार्य या अन्य कार्य करवाते हैं। लेकिन इस बार सीमेंट के बढ़े दामों को देख लोगों ने निर्माण कार्य पर विराम लगा दिया है। इससे दिहाड़ी मजूदरों और कामगारों का कार्य छिन गया है। वहीं, सीमेंट व्यापारी बताते हैं कि ऐसा पहली बार हुआ है दाम एक साथ तकरीबन 100 रुपए बढ़ गए हों।
ऐसे बढ़ गए निर्माण कार्य के दाम
सीमेंट के दाम एकदम से बढ़ जाने के कारण निर्माण कार्य की लागत में भी बढ़ोतरी हुई है। जानकारों की माने तो एक हजार वर्ग फीट में तकरीबन 450 सीमेंट के कट्टे लगते हैं। 30 मार्च तक एक लाख 26 हजार सौ रुपए तक खर्च हो रहे थे। लेकिन अब इसी दायरे में सीमेंट का भाव बढऩे से तकरीबन 162000 रुपए खर्च हो रहे हैं। वहीं, अन्य निर्माण सामग्रियों का जोडकऱ यह खर्च डेढ लाख तक पहुंच जाता है। जानकारों की माने तो सरिया और रेती के भावों में बढ़ोतरी के कारण यह अंतर आया है।
न जीएसटी बढ़ी न ही भाड़ा, फिर भी सीमेंट के दाम में इजाफा
सीमेंट उद्योग में 28 प्रतिशत जीएसटी लगती है। लेकिन हाल फिलहाल न तो जीएसटी बढ़ी है और न ही परिवहन का भाड़ा। इसके बाद भी सीमेंट के दाम अचानक बढ़ गए हैं। एक अप्रैल से पहले तक 280 रुपए प्रति बोरी सीमेंट के भाव थे। जो अब 360- 370 रुपए तक पहुंच गए हैं।
काम पर पड़ा असर
निर्माण कार्य से जड़े रोमिल जैन बताते हैं कि सीमेंट के बढ़े दामों का विपरीत असर पड़ा है। भाव बढऩे से मजदूरों पर भी असर पड़ा है। सरिया और अन्य निर्माण सामग्रियों को मिलाकर देखें तो अब एक हजार स्कवायर फीट पर तकरीबन डेढ लाख रुपए तक का अतिरिक्त भार बढ़ा है।
देखते-देखते बढ़े दाम
पहले सीमेंट का दाम 280 रुपए था, फिर 310 और अब 360 तक पहुंच गया है। दाम कम थे तब कार्य शुरू करवाया था। अब एकाएक दाम बढ़ जाने से काम रुकवाने का मानस बना रहा हूं, निर्माण कार्य आवश्यक है इसलिए अभी तक अतिरिक्त खर्चे का भी वहन किया।
लोकेश गहलोत, शहरवासी।
Published on:
11 May 2019 02:44 pm
