
Video : बांसवाड़ा : रोडवेजकर्मियों को कांग्रेस का समर्थन, सरकार की नीतियों पर जताया विरोध
बांसवाड़ा विभिन्न मांगों को लेकर रोडवेज कार्मिकों की करीब 20 दिन से चल रही हड़ताल का अब कांग्रेसियों ने भी समर्थन किया है। शुक्रवार को कांग्रेस सेवादल के प्रदेश सचिव अतीत गरासिया सहित कई कार्यकर्ता रोडवेज कर्मियों की हड़ताल स्थल पर पहुंचे। वहां सरकार की जन विरोधी नीतियों पर नाराजगी जताई। इस दौरान मौजूद रोडवेजकर्मियों को जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष चांदमल जैन, जैनेंद्र त्रिवेदी, राजेश कटारा, अतीत गरासिया, नटवर तेली आदि ने सम्बोधित किया। गरासिया ने गृहमंत्री पर निशाना साधते हुए उनके वागड़ दौरे के समय दिए बयान की निंदा की। गरासिया ने सवाल किया कि सरकारी खजाना जनता के लिए नहीं तो फिर किसके लिए है। चांदमल जैन ने कहा कि जनविरोधी सरकार का हिसाब चुनाव में बराबर हो जाएगा। जैनेंद्र त्रिवेदी, राजेश कटारा, नटवर तेली, सुनील मीणा, पूनम बाथम, जयेश पटेल, बुरहान पत्रा, जागीर खान, मनोहरसिंह, हामिद खान, रामवीर चौधरी, किशनलाल मीण, केदार शर्मा, ईश्वर आचार्य, पंकज चौधरी, बाबर अली, दिलीप सिंह आदि ने भी सरकार के खिलाफ नारे लगाए।
सीएम के पुतले के साथ किया प्रदर्शन
कई मांगों को लेकर राजस्थान राज्य एलएचवी, एएनएम एसोसिएशन की ओर से शुक्रवार को आठवें दिन भी हड़ताल जारी रही। इस दौरान कलक्ट्रेट के सामने सीएम के पुतले के साथ प्रदर्शन किया एवं नाराजगी जताई। प्रदर्शन कर रही कार्मिकों का कहना था कि मांगे पूरी नहीं होने तक हड़ताल जारी रहेगी।हड़ताल के चलते शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र में एएनवी, आईएचवी की अनुपस्थिति के कारण टीकाकरण व चिकित्सा सेवाएं भी प्रभावित रही। लोगों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। कार्मिकों का आरोप है कि सरकार कोई निर्णय नहीं ले पा रही है। सभी ने कलक्ट्रेट कार्यालय के बाहर धरना देकर प्रदर्शन किया। एलएचवी, एएनएम एसोसिएशन की जिलाध्यक्ष शारदा डिंडोर ने कहा कि उनकी 11 सूत्री मांगें पूरी नहीं होने तक विरोध जारी रहेगा।
कलक्टर को सौंपा ज्ञापन
राजस्थान महात्मा गांधी सार्वजनिक पुस्तकालय एवं वाचनालय कार्मिक प्रेरक संघ के पदाधिकारियों ने शुक्रवार को कलक्टर को ज्ञापन सौंप सात सूत्री मांगों के निराकरण का आग्रह किया। संघ के जिलाध्यक्ष देवेन्द्र त्रिवेदी ने बताया कि राज्यभर के प्रेरकों की समस्याओं का समाधान नहीं होने से उनमें रोष बना हुआ है। सभी प्रेरक डेढ़ दशक से भी अधिक समय से साक्षरता विभाग में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इसके अलावा एक दशक से महात्मा गांधी सार्वजनिक पुस्तकालय एवं वाचनालय का संचालन भी कर रहे हैं, लेकिन केन्द्र व राज्य सरकार की ओर से उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इससे उन्हें आर्थिक तंगी का शिकार होना पड़ रहा है। ज्ञापन देने के दौरान कई प्रेरक मौजूद रहे।
Updated on:
06 Oct 2018 12:56 pm
Published on:
06 Oct 2018 12:56 pm
