
राजस्थान का रण : दिन में धनसिंह रावत का भाजपा से इस्तीफा, रात में पार्टी ने किया छह साल के लिए निष्कासित
बांसवाड़ा. विधानसभा चुनाव के अन्तर्गत नाम वापसी का अंतिम दिन गुरुवार जिले में राजनीतिक दृष्टि से चौंकाने वाला रहा। भारतीय जनता पार्टी के नेताओं की कोशिशों के उपरांत भी बांसवाड़ा विधानसभा सीट से निर्दलीय नामांकन दाखिल करने वाले राज्यमंत्री धनसिंह रावत ने अपना तो नामांकन वापस नहीं लिया और पार्टी से ही त्यागपत्र देकर सभी को हतप्रभ कर दिया और बागी के रूप में चुनाव मैदान में डट गए। इस पर देर रात अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए पार्टी प्रदेशाध्यक्ष मदनलाल सैनी ने अधिकृत प्रत्याशियों के खिलाफ चुनाव लडऩे पर रावत को छह साल के लिए निष्कासित भी कर दिया। उनके साथ सागवाड़ा विधायक अनिता कटारा को भी निष्कासित किया है। इधर, घाटोल सीट पर भाजपा के बागी नवनीतलाल निनामा तथा कुशलगढ़ में कांगे्रस की बागी रमीला के डटे रहने से मुकाबला दिलचस्प हो गया हैै।
घाटोल में भाजपा के नवनीतलाल व कुशलगढ़ में कांगे्रस की रमीला बागी के रूप में चुनाव मैदान में
विधानसभा चुनाव प्रक्रिया के तहत शुक्रवार को नाम वापसी के अंतिम दिन भारतीय जनता पार्टी की ओर से राज्यमंत्री धनसिंह रावत और विधायक नवनीतलाल निनामा को मनाने की कवायद की गई, लेकिन रावत सुबह ही विधानसभा क्षेत्र के लिए रवाना हो गए। बाद में उन्होंने अपना मोबाइल भी बंद कर लिया। इसके बाद भी चर्चा थी कि रावत दो-ढाई बजे तक अपना नामांकन वापस ले सकते हैं, लेकिन ये निर्मूल साबित हुई। दोपहर करीब सवा दो बजे बाद रावत के भाजपा से इस्तीफा देने और प्रदेशाध्यक्ष को भेजने की बात सामने आई, जिसकी उनके समर्थकों की ओर से पुष्टि भी कर दी गई। इससे पहले पूर्व राज्यमंत्री दलीचंद मईड़ा ने अपना नामांकन वापस ले लिया।
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नहीं दूंगा इस्तीफा
घाटोल. घाटोल सीट से निर्दलीय चुनाव मैदान में डटे भाजपा के बागी और विधायक नवनीतलाल निनामा ने कहा कि वे पार्टी से इस्तीफा नहीं देंगे। पार्टी मुझे निकालेगी, इससे पहले नोटिस देना होगा। नोटिस मिलेगा तो स्वीकार करूंगा। सीएम से बात की थी, लेकिन बताया गया कि टिकट चुनाव कमेटी ने तय किया है। इससे पहले सुबह से निनामा भूमिगत रहे। उनका मोबाइल भी बंद रहा। भाजपा प्रत्याशी भी पौने तीन बजे तक आरओ कार्यालय पहुंचकर निनामा के संबंध में जानकारी लेते नजर आए। नवनीतलाल को भाजपा प्रत्याशी अपना गुरु कहते हैं, लेकिन अब गुरु स्वयं शिष्य के सामने ही डटे हुए हैं। इधर, कांगे्रस प्रत्याशी टिकट के दावेदार और नाराज चल रहे शांतिलाल के निवास पर पहुंचे और उन्हें मनाया। बाद में दोनों ने एक-दूसरे को गुड़ खिलाया।
नहीं माना आलाकमान का दबाव
कुशलगढ़. कांगे्रस-लोकतांत्रिक जनता दल के गठबंधन के विरोध में प्रधान रमीला खडिय़ा निर्दलीय के रूप में चुनाव मैदान में खड़ी हैं। बताया गया कि कांगे्रस आलाकमान की ओर से उन्हें फोन पर संपर्क किया गया, लेकिन उनके साथ मौजूद कांगे्रस के ही कुछ पदाधिकारियों की ओर से कहा गया कि पार्टी की बजाय कुशलगढ़ में गठबंधन को टिकट दिया है। इससे कार्यकर्ताओं में नाराजगी है। वहीं गठबंधन प्रत्याशी फतेहसिंह ने पर्चा दाखिल करने के दिन ही कहा था कि उनके साथ कांगे्रस कार्यकर्ता नहीं थे और वे इस बारे में आलाकमान को अवगत कराएंगे।
Updated on:
23 Nov 2018, 3:28 PM IST
Published on:
23 Nov 2018, 3:28 PM IST
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