
बांसवाड़ा में दशहरा मेले से लौटते बेकाबू जीप गड्ढे में अटकी, दर्दनाक हादसे में एक बालिका की मौत, 25 लोग घायल, मची चीख-पुकार
बांसवाड़ा. शहर के समीप चाचाकोटा के आला पृथ्वीगढ़ में मंगलवार शाम बांसवाड़ा से दशहरा मेला देखने के बाद लौटते समय बच्चियों से भरी एक जीप अनियंत्रित होकर गड्ढे में अटक गई, लेकिन पलटी खाने के डर के मारे ऊपर और भीतर बैठी बच्चियां हड़बड़ाहट में कूदी, जिससे एक बालिका की मौत हो गई और 25 जने घायल हुए। हादसे की जानकारी पर बड़ी संख्या ग्रामीण पहुंचे और घायल बच्चियों को अस्पताल रवाना किया। सूचना पर कलक्टर अंतर सिंह व पुलिस अधीक्षक केसर सिंह शेखावत अस्पताल पहुंचे और घायलों के उपचार की व्यवस्था कराई। एसपी ने बताया कि हादसा हड़बड़ाहट की वजह से हुआ। जीप गड्ढे में रुक गई, लेकिन बच्चियों को लगा कि जीप पलटने वाली है। इसके चलते वे जीप से कूदने लग गई। इसमें कोई सिर के बल गिरा तो कोई पीठ के बल। इसके अलावा एक-दूसरे के ऊपर गिरी। इससे बच्चियों के चोटें आई हंै। हादसे में काकनसेजा चाचा कोटा की 18 वर्षीय ममता की मौत हो गई। हादसे की जानकारी पर मौके पर पहुंची पुलिस ने जीप को जब्त करते हुए चालक के खिलाफ प्रकरण दर्ज करवाया है।
एक ही गांव की थी ज्यादतर बच्चियां : - जीप में बच्चियों सहित करीब 30 लोग थे। ज्यादातर बच्चियां एक ही गांव की रहने वाली है। वे यहां दशहरा मेला देखने के बाद वापस अपने घर लौट रही थीं। जैसे ही हादसा हुआ तो मौके पर जीप सवार लड़कियों में चीख पुकार मच गई। इससे मौके पर कुछ ग्रामीण दौडकऱ आए और उन्होंने एक-एक कर घायलों को संभाला। साथ ही निजी वाहनों से महात्मा गांधी चिकित्सालय पहुंचाया। एक साथ बड़ी संख्या में मरीजों के हॉस्पीटल पहुंचने की वजह से उपचार के लिए भी घायलों को इंतजार करना पड़ा। जहां हादसा हुआ है वह पूरा इलाका पथरीला है। इसके अलावा सडक़ के दोनों ओर बड़े बड़े पत्थर पड़े हुए थे। जीप से कूदने के कारण छह लड़कियों के पैरों में फैक्चर हो गए। क्षमता से अधिक सवारियां भरकर दौड़ते वाहनों के हादसे जिले में आये दिन होते हैं लेकिन इसके बाद भी पुलिस एवं परिवहन विभाग की ओर से किसी तरह के कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। देहात से ज्यादातर वाहन ओवर लोड आते हैंं। शहर में दशहरा मेला होने से यह समस्या और बढ़ गई है।
करीब तीन घंटे झाडिय़ों में फंसी रही युवती : - रेडड्रॉप के राहुल सराफ ने बताया कि हादसे के करीब घंटे बाद तक एक युवती हादसा स्थल पर करीब तीन घंटे तक झाडिय़ों में फंसी रही, जिसकी जानकारी मौके पर पहुंची पुलिस को भी नहीं लग पाई। हादसे की जानकारी पर रात को जब परिजन हॉस्पीटल पहुंचे तो उन्होंने हॉस्पीटल में अपनी बच्ची को मौके पर नहीं पाकर वे दोबारा हादसा स्थल पहुंचे और गुड्ढ़ी चरपोटा को घायल अवस्था में हॉस्पीटल लेकर आए । गंभीर घायलों को उदयपुर रैफर कर दिया गया। हड़बड़ाहट में जीप से कूदने के बाद एक बच्चा वहीं नाले में पड़ रह गया, जिसको उसके परिजन ढूंढकर हॉस्पीटल लेकर आए और रात करीब 12 बजे चिकित्सालय में भर्ती कराया। परिजनों ने बताया कि 15 वर्षीय ईश्वर हादसे के दौरान नाले में गिर पड़ा, लेकिन उस पर नजर नहीं पड़ी। बाद में उन्हें जानकारी हुई तो वे मौके पर पहुंचे और बालक को लेकर आए।
ये हुए घायल : - हादसे में काकनसेजा चाचाकोटा गांव के मेलार्थी रसिका 15, बसंती 14, रजन 14,सुनीता 17, प्रमिला 13, प्रियंका 18, ममता 18, बादरा 24, प्रियंका 19, गीता 18, सका 17, सुनीता 15, नरसा 19,पायल 14, सुनीता 15,कला 21, बसंत 13, ईतू 18,कालूराम 19, वनिता 21, भूली 19, रमेश 23, गुड्डी 24, रामलाल 27 घायल हुए। गंभीर घायल प्रियंका एवं ममता को उदयपुर के लिए रैफर किया गया, लेकिन ममता ने बांसवाड़ा से निकलते ही दम तोड़ दिया। इस पर उसके शव को एम्बुलेंस वापस लेकर एमजी हॉस्पीटल आई। पुलिस के अनुसार भूंगड़ा थाना इलाके चाचाकोटा निवासी रामलाल पुत्र धारजी चरपोटा की रिपोर्ट पर प्रकरण दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया है।
Published on:
9 Oct 2019, 1:26 PM IST
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