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बांसवाड़ा। वह बेजुबान होते हुए पांच दिन थाने से हवा खाने को मजबूर। मालिक का अता पता नहीं लगा सो छुड़ा कर ले जाता भी कौन। यह दर्द भोगा कोतवाली थाने में बंधे एक बकरे ने। अब उसके मालिक का पता लग पाया है तो उसे थाने से आजादी की उम्मीद बंधी है।
दरअसल, इस बकरे को चुराकर ले जाते पुलिस ने तीन आरोपितों को रंगे हाथों पकड़ लिया था, लेकिन तीनों ने बकरे को पहचानने से ही हाथ झटक लिए और तब पुलिस को बकरे के असली मालिक की तलाश में चार दिन लग गए।
एेसे चढ़े हत्थे
सीआई नाथावत ने बताया कि शहर के जयपुर रोड स्थित पीपलवा के पास 28 फरवरी की रात एक अज्ञात वाहन की चपेट में आने से बाइक सवार युवक की मौत हो गई थी। इस पर ग्रामीणों ने वहां जाम लगा रखा था और पुलिस खड़ी हुई थी।
इसी दरम्यान रात को एक बाइक पर ठीकरिया निवासी शिवा पुत्र गौतम एवं उसका भाई कमल तथा टामटिया निवासी सुनील पुत्र लटका एक बकरे को ले जाते हुए दिखाई दिए। इस पर पुलिस कर्मियों एवं भीड़ ने उन्हें रोकने का प्रयास किया।
तभी कुछ ग्रामीण चोर-चोर चिल्लाने लगे तो तीन आरोपितों ने बकरे को खेतों की तरफ छोड़ दिया और भागने लगे। इस पर पुलिस ने आरोपितों को दबोच लिया। फिर बकरे को भी खेतों से पकड़कर लेकर आए।
बकरे को पहचानने से किया इनकार
आरोपितों ने बकरे को पहचानने से इनकार कर दिया और कहा कि यह उनका बकरा नहीं है। यह दूसरे रंग का बकरा है। इस पर पुलिस आरोपितों को थाने लेकर आई। पहले तो बकरे के असली मालिक की तलाश करवाई।
तीन बाद पता चला असली मालिका का
तीन दिन बाद रविवार को पता चला कि यह बकरा बांसवाड़ा जिले के निचला घंटाला के माता जी के मंदिर का है। तब पुलिस ने आरोपितों की गिरफ्तारी और उनके कब्जे से बकरे की बरामदगी बताई। सीआई ने बताया कि आरोपित रात के समय बकरे को चोरी करके ला रहे थे।
Published on:
04 Mar 2018 07:32 pm
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