
बांसवाड़ा. प्रदेश में विद्युत निगमों में कार्यरत तकनीकी कर्मचारियों की वर्षों से लंबित मांगों पर सुनवाई नहीं होने से आक्रोश बढ़ता जा रहा है। इससे परेशान राजस्थान विद्युत तकनीकी कर्मचारी एसोसिएशन से जुड़े कर्मचारियों ने गुरुवार को बांसवाड़ा में अधीक्षण अभियंता कार्यालय के सामने नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। बाद में अपनी मांगों एवं समस्याओं को लेकर एसोसिएशन प्रतिनिधियों ने ऊर्जा मंत्री और निगम के प्रबंध निदेशक के नाम 13 सूत्री मांगों का ज्ञापन सौंपकर ठोस कदम उठाने का आग्रह किया।
एसोसिएशन के अध्यक्ष भगवतीलाल डिण्डोर ने बताया कि जिन मांगों को लेकर कर्मचारियों को 2015 में टूल डाउन हड़ताल करनी पड़ी, उन्हें अब तक तवज्जो नहीं मिली है। उल्टे प्रसारण निगम के तीन कर्मचारियों का डिमोशन कर दिया गया। रेस्मा एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर कर्मचारियों को उलझाया गया। मुख्य मांग 2400 ग्रेड पे का फिक्सेशन आदेश जारी करने की है, लेकिन उस पर सुनवाई नहीं हो रही। बांसवाड़ा में कई जीएसएस पर हालत खराब है। ठेका प्रणाली में अप्रशिक्षित लोगों को लगाया जा रहा है और वे भी गिने-चुने लगाने से स्थायी कर्मचारियों पर काम का दबाव बढ़ा हुआ है। साइट पर अप्रशिक्षित लोगों की चूक कर्मचारियों के लिए जानलेवा हो सकती है, लेकिन निगम में सुनवाई नहीं हो रही। इस स्थिति से परेशान होकर आंदोलनात्मक कदम उठाया है। अब 13 सूत्री मांगों पर जल्द निर्णय नहीं होने पर कर्मचारी अपना आंदोलन तेज करने को विवश होंगे।
संगठन ने इन बिंदुओं पर अधीक्षण अभियंता से चर्चा की है, जिस पर उन्होंने आश्वासन दिया है। इस दौरान एसोसिएशन के हिमांशु आचार्य, सचिव राकेश सहित अन्य बड़ी संख्या में कार्मिक उपस्थित थे। बाद में प्रतिनिधिमंडल कलक्टरी गया और इस संबंध में कलक्टर को ज्ञापन की प्रति सौंपकर कार्रवाई कराने की गुजारिश की।