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बांसवाड़ा : शराब की दुकानों पर मनमानी कीमत का खेल, रेट लिस्ट नदारद, ओवररेट का बोलबाला

इस साल एक भी प्रकरण नहीं हुआ दर्ज

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banswara

बांसवाड़ा : शराब की दुकानों पर मनमानी कीमत का खेल, रेट लिस्ट नदारद, ओवररेट का बोलबाला

बांसवाड़ा. जिले में शराब की दुकानों पर मनमानी कीमत वसूली का खेल चल रहा है लेकिन आबकारी विभाग के अधिकारी आंखे मूंदे बैठे हुए हैं। शराब की प्रत्येक बोतल पर दुकान के सेल्समैन दस रुपए से बीस रुपए तक ज्यादा वसूल रहे हैं। इस तरह की वसूली से कई बार विवाद की स्थितियां भी बनती हैं।

रेट लिस्ट की सूची तक नहीं
आबकारी विभाग से अधिकृत शराब की दुकानों पर नियमानुसार शराब की कीमत की सूची का बोर्ड दुकान के बाहर चस्पा करना अनिवार्य होता है, लेकिन किसी भी दुकान के बाहर रेट लिस्ट का बोर्ड चस्पा नहीं है। फिर भी विभाग की ओर से प्रकरण दर्ज नहीं किए जा रहे हैं।

इस साल एक ही प्रकरण दर्ज
ओवर रेट पर आबकारी विभाग की ओर से प्रकरण दर्ज करने का प्रावधान है, लेकिन हालत ये है कि विभाग ने इस साल अभी तक मात्र एक ही प्रकरण दर्ज किया है। जबकि ओवर रेट की समस्या निरंतर अपने पैर पसारती दिखाई पड़ रही है। विभाग के अनुसार विभाग ने इस साल मात्र एक प्रकरण अप्रेल में दर्ज किया था। इसके बाद अभी तक एक भी कार्रवाई नहीं की गई है। जबकि गत वर्ष 2017 में विभाग की ओर से ओवर रेट अकेले मुख्यालय पर ही करीब 19 प्रकरण दर्ज किए थे। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि इस साल विभाग की कार्रवाई कितनी कमजोर है।

हर दिन लाखों का मुनाफा
जानकारों के अनुसार शराब की दुकानों पर ओवर रेट से शराब कारोबारियों को हर दिन लाखों का फायदा पहुंचता है। अकेले बांासवाड़ा शहर में भारत निर्मित अंगे्रजी शराब की करीब नौ दुकानें हैं। इसके अलावा जिलेभर में कंपोजिट श्रेणी की 22 तथा देसी मदिरा की छह दुकानें हैं।

ये है कार्रवाई का प्रावधान
किसी भी एक दुकान पर प्रथम बार ओवर रेट का प्रकरण दर्ज होने पर दस हजार जुर्माना, दूसरी बार दर्ज होने पर 25 हजार जुर्माना, तीसरी बार 50 हजार जुर्माना तथ चौथी बार ओवर रेट का प्रकरण दर्ज होने पर प्रकरण दर्ज कर आयुक्त को पत्रावलियां भेजी जाती हैं। जहां लाइसेंस निरस्त होने का भी प्रावधान है।

इनका कहना है
दुकानों के बाहर अगर रेट लिस्ट नहीं है और ओवर रेट की समस्या है तो इस ओर कार्रवाई करवाई जाएगी। निरीक्षक को इस कार्य में लगाया जाएगा।
- हरफूल चंदोलिया, आबकारी अधिकारी, बांसवाड़ा