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पहले सुंदर लड़कियों की फोटो भेजते, फिर ऐसे फंसाते थे अपने जाल में, पुलिस ने किया चौंकाने वाला खुलासा

देश के विभिन्न प्रांतों के दस से ज्यादा लोगों को ऑनलाइन एस्कोर्ट सर्विस या कॉलगर्ल उपलब्ध कराने के नाम पर धोखाधड़ी कर चुके दो साइबर ठगों को बांसवाड़ा साइबर थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है।

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बांसवाड़ा। देश के विभिन्न प्रांतों के दस से ज्यादा लोगों को ऑनलाइन एस्कोर्ट सर्विस या कॉलगर्ल उपलब्ध कराने के नाम पर धोखाधड़ी कर चुके दो साइबर ठगों को बांसवाड़ा साइबर थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इस संबंध में महानिदेशक पुलिस साइबर क्राइम जयपुर कार्यालय से संदिग्ध बैंक खातों के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इस पर एसपी हर्षवर्धन अग्रवाला के मार्गदर्शन में थानाधिकारी देवीलाल मीणा के नेतृत्व में टीम ने साइबर पोर्टल की शिकायतों पर छानबीन की।

सूचनाओं के संकलन पर मोटागांव क्षेत्र के दो शातिर कराणा निवासी सतीश पुत्र परती पाटीदार और मिथुन पुत्र प्रेमदास वैष्णव के खिलाफ ठोस सबूत सामने आए। इस पर मोटागांव पुलिस की मदद से तलाशकर दोनों को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों के कब्जे से 13 सिम कार्ड, 5 एटीएम कार्ड, 5 मोबाइल व 11 हजार रुपए नगद बरामद किए गए। पूछताछ में इनसे चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। इनके खिलाफ देश के विभिन्न राज्यों के अलग-अलग थानों में 10 से अधिक शिकायतें दर्ज हैं, जिनमें दस लाख से ज्यादा धोखाधड़ी हुई है। अनुसंधान में इनके खिलाफ और मामले सामने आने की संभावना है।

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यों कर रहे थे फरेब

पूछताछ में आरोपियों से पता चला कि वे इंटरनेट पर उपलब्ध दो साइट्स पर होटल में एस्कोर्ट सर्विस या कॉलगर्ल उपलब्ध कराने के नाम पर सुंदर लड़कियों के फोटो अपलोड कर फर्जी विज्ञापन जारी करते हैं। इंटरनेट पर डाउनलोड इन फोटोज के साथ फर्जी वॉटसअप नम्बर दर्शाते हुए लुभावने संदेश से लोगों को साइट पर दिखाए फर्जी वॉटसअप नम्बर पर मैसेज, कॉल के जरिए संपर्क का न्यौता देते हैं। जो इनके जाल में आ जाते संपर्क पर उन्हें ठग लड़कियों के फोटो भेजकर उनमें एक सलेक्ट करवाकर रजिस्ट्रेशन चार्ज, सिक्योरिटी, सर्विस और होटल चार्ज के नाम पर एडवांस राशि जमा करवाने के लिए फर्जी खाते की डिटेल भेजते। फिर अपनी बातों में उलझा कर जितना संभव हो उतनी राशि की ठगी करते।

लालच देकर औरों के नाम के सिम, बैंक खातों का इस्तेमाल

आरोपी इतने चतुर हैं कि ऑनलाइन ठगी के लिए गरीब जरूरतमंदों और बेरोजगारों को कुछ पैसों का लालच देकर उनके नाम से सिमकार्ड, बैंक खाते एवं एटीएम कार्ड किराए पर लेकर दूसरों से ऐंठे रुपए उनके खातों में डलवाते हैं और एटीएम से कैश निकाल लेते हैं।

इस टीम को मिली सफलता

आरोपियों की धरपकड़ में मोटागांव थाना प्रभारी अंबालाल, कांस्टेबल भानुप्रतापसिंह, धर्मेन्द्रसिंह, साइबर थाने के एएसआई नटवरलाल, अशोक कुमार, कांस्टेबल प्रभुलाल, प्रभुलाल, समुंदर, अंकित, देवेन्द्रसिंह और धनन्जय शामिल रहे।