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बांसवाड़ा : जिस उम्र में लोग आराम करते हैं, उस उम्र में यह लोग काम करते हैं, वो भी बिना सैलेरी

सरकारी दफ्तरों की तर्ज पर चलता है, पेंशनर कार्यालय, बस नहीं मिलती तन्ख्वाह, सभी की सेवा है मुख्य ध्येय

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आशीष बाजपेई. बांसवाड़ा. किसी की उम्र 80 तो किसी की 82 वर्ष। फिर भी समय से दफ्तर आना और जाना। जिस दिन सरकारी अवकाश उस दिन घर पर। लंच के समय भोजन या अल्पाहार। पूरी दिनचर्या सरकारी कर्मचारी सरीखी वैसी ही जैसे सेवानिवृत्ति से पहले थी, लेकिन तब और अब में बड़ा फर्क है और यह फर्क ऐसा है कि फक्र होता है, जज्बे को सलाम करने का मन होता है। पहले पेट और परिवार के खातिर जो काम करते थे और पगार पाते थे वही काम अब निस्वार्थ भाव से सेवा की मशाल थामे हुए कर रहे हैं और इससेे औरों की राह में रोशनी करने में मददगार बने हुए हैं।

सेवा का यह भाव लिए इस समय यह काम कर रहे हैं जिले के पांच सेवानिवृत्त कर्मचारी जो रोजाना पेंशनर कार्यालय आते हैं। सुबह दस बजे शाम पांच बजे तक काम करते है। उन्होंने अपनी तीस- पैंतीस साल की नौकरी में जो अनुभव हासिल किया उसे अब औरों को बांट रहे हैं, उनका मार्गदर्शन कर रहे हैं और उनका काम कर रहे हैं। जिले के साढ़े आठ हजार पेंशनर में से कोई भी उनके पास आकर खाली हाथ नहीं लौटता। सेवा का यह कारवां कोई आज का भी नहीं है बरसों से आगे बढ़ रहा है। एक के बाद एक इसमें जुड़ता रहता है। श्रद्धा और सामथ्र्य से लोग सेवा भाव करते हैं और जब संभव नहीं होता दूसरों को दायित्व सौंप देते हैं।

1961 से बांसवाड़ा में चल रहा है पेंशनर कार्यालय
सेवानिवृत्ति के बाद बुजुर्गों को जानकारी देने और उन्हें दिक्कतों से बचाने के उद्देश्य से 01 जुलाई 1961 से पेंशनर कार्यालय क्रियाशील हैं। वर्ष 1961 में स्वामी शंकरानंद ने सेवा की जो लौ जलाई थी वो आज तक कायम है। सेवा देने वालों के सिर्फ चेहरे ही बदले उद्देश्य आज भी वही है। 1996 में नया पेंशनर कार्यालय का भवन भी बनकर तैयार हो गया।

82 वर्ष की उम्र, करते हैं दनादन टाइप
विजयलाल जैन दफ्तर के सारे टाइपिंग का कार्य करते हैं। उन्हें टाइप करते देख कोई अंदाजा ही नहीं लगा सकता कि उम्र 82 वर्ष है। ये लोगों के सरकारी कागजों को मिनटों में तैयार कर देते हैं। जैन ने बताया कि वे वर्ष 1965 से टाइपिंग का कार्य कर रहे हैं। 1993 में सेवानिवृत्त होने के बाद भी टाइपिंग नहीं छोड़ी।

अभी पांच लोग दे रहे हैं सेवाएं
इस भवन में पूरा काम काज सरकारी तंत्र की तरह ही चलता है। वर्तमान में यहां 5 बुजुर्ग सेवाएं दे रहे हैं, जिनमें अध्यक्ष फजले हुसैन टी जेताजी हैं और निरंजन मालोत, विजय लाल जैन, विजय लाल भावसार और नरहरिकांत भट्ट भी अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

यह मिलती हैं पेंशनर्स को सेवाएं
सभी विभागीय कार्यालयों की प्रक्रिया की जानकारी
किसी फॉर्म को निशुल्क उपलब्ध कराना।
पेंशनर्स का फॉर्म भरना
किसी विभाग, बैंक में कार्य में दिक्कत आने पर मार्गदर्शन करना और कार्य का पूर्ण करवाना
सरकार के द्वारा पेंशनर्स के हित में कोई योजना या नियम लागू होने पर सभी पेंशनर्स को अवगत कराना और उसका लाभा लेने के लिए प्रेरित करना।