
एक लाख किसानों पर है 342 करोड़ रुपए का फसली ऋण
Banswara Big News : बांसवाड़ा जिले में संचालित 237 वृहत कृषि बहुउद्देशीय सहकारी समितियों (लैपस) में 90 समितियां दी बांसवाड़ा सेंट्रल कॉपरेटिव बैंक के 2.88 करोड़ रुपए के कर्ज तले दबी हैं। इनमें 22 समितियां ऐसी हैं, जिन्होंने समय सीमा बीत जाने के बाद भी बैंक का 75.15 लाख रुपए नहीं चुका है। खाद के लिए गए इस अल्पकालीन ऋण के समितियों के द्वारा न चुका पाने के कारण अब किसानों को दिक्कत उठानी पड़ सकती है। इतना ही नहीं जिले के तकरीबन एक लाख एक हजार 80 किसान पर 342.10 करोड़ रुपए कर्ज के तले दबे हैं।
जिले के किसानों के द्वारा बैंक से लिया गया फसली अल्पकालीन ऋण 342.10 करोड़ रुपए की 40.70 प्रतिशत रकम यानी 139.26 करोड़ रुपए किसान अभी तक नहीं चुका पाए हैं। जबकि ऋण चुकाने की अवधि भी पार हो चुकी है। वहीं, समय सीमा के भीतर किसानों पर अभी 202.84 करोड़ रुपए की बकाया है। फसली अल्पकालीन ऋण लेने वाले किसानों में 13 हजार किसान ऐसे हैं जिन्होंने ऑफलाइन और 88,080 किसानों ने ऋण के लिए ऑनलाइन आवेदन किया है।
यह भी पढ़ें -
समितियों के द्वारा लोन न चुकाए जाने से किसानों के आगे दिक्कत खड़ी हो सकती है क्योंकि किसानों को कम कीमत पर खाद, नैनो यूरिया, नैनो डीएपी और कृषि उपकरण उपलब्ध कराने के लिए वस्तुओं की खरीदी करनी पड़ती है। लेकिन लोन न चुकाए जाने की स्थिति में समिति किसानों के लिए आवश्यक वस्तुओं की खरीदी नहीं कर पाती। इसका नुकसान किसानों को भुगतना पड़ता है।
1- 35,800 पुराने किसानों को देती है बैंक लोन।
2-15 हजार लोन नए जुड़े किसानों को।
3- 237 समितियां संचालित हैं जिले में।
4- लोन न चुकाने से किसानों को दिक्कत।
5- समय बीतने पर जारी होता है नोटिस।
सीसीबी बांसवाड़ा प्रबंधक परेश पंड्या ने कहा, समितियों के द्वारा ऋण न चुकाए जाने की स्थिति में समितियों को पत्र भेज ऋण चुकाने के लिए निर्देशित किया जाता है। समय अधिक बीतने पर बैंक नोटिस जारी करता है।
यह भी पढ़ें -
Published on:
27 Jun 2024 02:39 pm
बड़ी खबरें
View Allबांसवाड़ा
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
