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वनरक्षक भर्ती पेपर लीक पर बड़ा अपडेट, चीखली SDM का रीडर पुलिस की गिरफ्त में, जानें मामला

Forest Guard Recruitment 2022 Paper Leak Big Update : वनरक्षक-2022 पेपर लीक मामले में एएसपी धनफूल मीणा ने बांसवाड़ा के राजतालाब थाने में रविवार रात करीब 11.45 बजे पेपर लीक की रिपोर्ट एएसपी धनफूल मीणा ने दर्ज कराई थी। जिसकी जांच एएसपी राजेश भारद्वाज को सौंपी गई है। पुलिस ने शिक्षा विभाग में कार्यरत चीखली निवासी अभिमन्यू सिंह को अपनी गिरफ्त में लिया है।

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वनरक्षक भर्ती-22 पेपर लीक पर बड़ा अपडे

Forest Guard Recruitment 2022 Paper Leak Big Update : बांसवाड़ा में वनरक्षक-2022 पेपर लीक की परतें उधड़ने लगी हैं। इसके तार डूंगरपुर जिले तक जुड़े हैं। पुलिस ने शिक्षा विभाग में कार्यरत चीखली निवासी अभिमन्यू सिंह को गिरफ्त में लिया है। इससे पहले वह शिक्षक होने के साथ प्रतिनियुक्ति पर लंबे समय तक चीखली एसडीएम को रीडर रहा है। पुलिस ने 15 आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज है, जिनमें से 10 को डिटेन किया है। बांसवाड़ा के राजतालाब थाने में रविवार रात करीब 11.45 बजे पेपर लीक की रिपोर्ट एएसपी धनफूल मीणा ने दर्ज कराई थी, जिसकी जांच एएसपी राजेश भारद्याज को सौंपी गई है।

संभाग के तीनों जिलों से जुड़े तार

प्रकरण के तार बांसवाड़ा संभाग के तीनों जिलों से जुड़ गए हैं। पेपर लीक का खुलासा करने वाला आरोपी प्रतापगढ़ जिले का रहने वाला है। पुलिस की गिरफ्त में 10 आरोपी आ चुके हैं, जिसमें डूंगरपुर के चीखली निवासी अभिमन्यू सिंह भी शामिल है। वर्ष 2018 में थर्ड ग्रेड शिक्षक भर्ती में चयनित होने के बाद आरोपी ने 13 फरवरी 2019 को गलियाकोट में पोस्टिंग ली। इसके कुछ समय बाद उसने अपना डेपुटेशन एसडीएम ऑफिस में करा लिया। यहां पर रीडर बन बैठा। इसके बाद एक अन्य परीक्षा देने के बाद आरोपी इंजीनियर बन गया। वर्तमान में शिक्षा विभाग के समसा में कार्यरत है। जानकारी मिली है कि बांसवाड़ा के 5 वनरक्षक ने पेपर माफिया से 8-8 लाख में सौदा किया था, जिन्हें भी गिरफ्त में ले लिया है। साथ ही प्रवीण व उसका साला व अन्य आरोपी गिरफ्त में हैं। इन सभी से गहन पूछताछ की जा रही है।

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8-8 लाख रुपए में हुआ था सौदा

राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले के रहने वाले और हाल में हाउसिंग बोर्ड से गिरफ्तार किए गए प्रवीण मालवीया ने बताया कि सकन खड़िया एक अन्य दलाल संपर्क कर अभ्यर्थियों से बात कर 8- 8 लाख में सौदा तय करने का कहा था। पेपर लाने वालों के नाम बाड़मेर के गुड़ा मलानी अरटवाव निवासी हरीश उर्फ हीराराम पुत्र रतना और चिकली निवासी अभिमन्यू सिंह चौहान पुत्र हिम्मत सिंह चौहान बताए। साथ ही बताया कि कुशलगढ़ के मगरदा निवासी ईश्वर पुत्र नाथूलाल, उसकी पत्नी शीला, नवा गांव निवासी शिल्पी, वहीं के वीर सिंह, बगायचा निवासी सुखराम को पेपर कराया। साथ ही एक अन्य दलाल मोर कुशलगढ़ निवासी विनिश पुत्र कालू सिंह के जरिए कोठारिया निवासी सुभाष, हरीश व भीलकुआं निवासी छगन को शहर की अहिंसापुरी के घर में पेपर हल कराया गया। दूसरी पारी का पेपर आरोपी के हाउसिंग बोर्ड स्थित घर में कराया गया। यहां पर कई नए अभ्यर्थी पहुंचे थे।

इन सवालों के जांच ढूंढ रही एसआईटी

पुलिस टीम यह पूछताछ करने में जुटी है कि पेपर लीक हुआ कैसे? इसमें कौन-कौन और कितने लोग शामिल हैं? किस किस शहर में पेपर लीक कर हल कराया गया?

10 आरोपियों से पूछताछ कर रहे

एसपी बांसवाड़ा हर्षवर्धन अग्रवाला ने बताया कि देर रात तो रिपोर्ट दर्ज की गई है। अभी हम करीब 10 आरोपियों से पूछताछ कर रहे हैं। डूंगरपुर चीखली के रीडर रहे अभिमन्यू सिंह से भी पूछताछ की जा रही है।

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