
पहले भी ऐसे कई मामले आ चुके हैं सामने
बांसवाड़ा. महात्मा गांधी अस्पताल के इतिहास पर प्रसूताओं और उनके परिजनों से वसूली का खेल थमने का नाम नहीं ले रहा है। मंगलवार को भी अस्पताल परिसर में ऐसा मामला सामने आया, जहां कार्मिकों के द्वारा प्रसूता के परिजनों से प्रसव के बाद वसूली की बात सामने आई।
यह है मामला
टिमेड़ा बड़ा के आमलीपाड़ा निवासी दोलसिंह ने बताया कि उसकी पत्नी विमला के प्रसव पीड़ा होने पर उसे 12 जनवरी को महात्मा गांधी अस्पताल में भर्ती कराया था। जिसका सामान्य प्रसव 13 जनवरी को हुआ। उसने बेटी को जन्म दिया। तीन दिन बाद पीएनसी वार्ड से उसे डिस्चार्ज करने के दौरान कार्मिकों ने पैसों की मांग की।
उसने बताया कि पहले तो वार्ड में काम करने वाली महिलाओं (नर्सिंग कर्मी नहीं) ने चाय-पानी के लिए पैसों की मांग की। फिर जब पत्नी विमला को लेने जाने की बात आई तो प्रथत तल से ग्राउंड फ्लोर तक ले जाने के लिए कार्मिकों ने 100 रुपए की मांग की। और उससे कम पैसे लेने से इन्कार कर दिया। काफी मान नहुार करने के बाद उक्त कार्मिक कुछ पैसे लेकर माना। इसके अलावा वार्ड में भी महिला कार्मिकों के द्वारा चाय-पानी के लिए पैसों की मांग की गई।
पहले भी हो चुके हैं कई मामले
महात्मा गांधी अस्पताल कार्मिकों के द्वारा मरीजों या तिमारदारों से पैसे मांगने का मामला यह पहला नहीं है। इसके पूर्व भी कार्मिकों पर पैसे वसूलने और कमीशनखोरी के आरोप लग चुके हैं। कई बार पीडि़तों ने इसकी शिकायत भी की। शिकायत पर प्रबंधन ने जांच भी बैठाई।
शिकायत आने पर करेंगे जांच
पीएमओ डॉ. अनिल भाटी ने बताया कि इस प्रकार की कोई शिकायत नहीं आई है। शिकायत आने पर पर निष्पक्ष जांच करवाई जाएगी। यदि कोई कार्मिक किसी प्रकार से रुपयों की मांग करता है तो उसे रुपए न दें।
Published on:
17 Jan 2018 10:56 pm
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