यूपीएससी परीक्षा में बिना कोचिंग और सेल्फ स्टडी से बाराबंकी के आदर्श कांत शुक्ला ने पाई सफलता, बने मिसाल

- पहले प्रयास में बने आइपीएस, उम्र सिर्फ 22 साल
- यूपीएससी एग्जाम में हासिल की 149वीं रैंक

By: Sanjay Kumar Srivastava

Published: 25 Sep 2021, 08:07 AM IST

बाराबंकी. बाराबंकी जिले के एक होनहार छात्र ने इतिहास रच दिया। संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) (upsc exam) की परीक्षा में सिर्फ 22 वर्ष की उम्र में अपने पहले प्रयास में 149वीं रैंक प्राप्त की। आईपीएस बन कर आदर्श कांत शुक्ला (Adarsh Kant Shukla) ने अपने माता-पिता ही नहीं बाराबंकी जिले का भी नाम रोशन किया है। आदर्श ने किसी तरह की तरह की कोई कोचिंग नहीं की सिर्फ घर में ही पढ़ाई (self study) कर यह सफलता हासिल कर सबके लिए मिसाल बने।

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आदर्श कांत शुक्ला बाराबंकी जिले के रामनगर तहसील के बाढ़ प्रभावित इलाके के ग्राम मड़ना के मूल निवासी हैं। आदर्श के पिता राधाकांत शुक्ला ने बताया कि वह निजी फर्मों में एकाउंटेंट का काम करते हैं। करीब 20 साल पहले वह गांव से बाराबंकी शहर में आकर बस गए थे। वह बीवी-बच्चों के साथ पहले किराए के मकान में रहते थे। उसके बाद धीरे-धीरे उन्होंने अपना मकान बाराबंकी के ओबरी स्थित मयूर बिहार कालोनी में बनवा लिया। राधाकांत शुक्ल की पत्नी गीता शुक्ला एक गृहिणी हैं। उनके पुत्र आदर्श और पुत्री स्नेहा शुक्ला दो संतानें हैं।

आदर्श कांत शुक्ला ने बताया कि उन्होंने सांई इंटर कालेज लखपेड़ाबाग से हाईस्कूल और इंटर की परीक्षा अच्छे अंकों से पास की थी। इसके बाद नेशनल पीजी कॉलेज लखनऊ से बीएससी में गोल्ड मेडल हासिल किया था। फिर यूपीएससी की तैयारी कर पिछले साल उन्होंने परीक्षा दी थी। यूपीएससी एग्जाम के समय इनकी उम्र 21 साल ही थी। आदर्श कांत शुक्ला की बहन स्नेहा शुक्ला एलएलएम करने के बाद पीसीएस जे की तैयारी कर रही हैं। आदर्श कांत शुक्ला का कहना है कि उनकी उपलब्धि में उनके माता-पिता का अहम योगदान है।

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