
प्रतीकात्मक तस्वीर, फोटो: AI
उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने सभी को हैरानी में डाल दिया है। सिरौलीगौसपुर क्षेत्र के कसरैला डीह गांव में शादी की तैयारियां जोरों पर थीं। घर में शहनाइयां बज रही थीं, मंडप सज चुका था और मेहंदी रचे हाथों से दुल्हन लक्ष्मी अपने नए जीवन की कल्पनाओं में खोई हुई थी। रिश्तेदारों का आना-जाना लगा हुआ था और पूरे घर में उत्सव का माहौल था। लेकिन जैसे ही बारात के आने का समय निकला और कोई बारात नहीं आई, पूरे माहौल में तनाव और बेचैनी फैल गई।
यह शादी रामनगर क्षेत्र के बिठौरा गांव निवासी लवलेश से तय हुई थी। दोनों परिवारों के बीच पहले ही बातचीत हो चुकी थी और लड़का-लड़की भी फोन पर संपर्क में थे। लेकिन शादी के दिन अचानक लवलेश ने शादी करने से इनकार कर दिया। उसने यह कहते हुए बारात लाने से मना कर दिया कि वह बीमार है और चलने-फिरने की स्थिति में नहीं है।
लक्ष्मी के परिजन जब यह सुनकर चिंतित हुए तो वे तुरंत अस्पताल पहुंचे, जहां लवलेश एक बेड पर लेटा हुआ मिला। लेकिन उसकी हालत देखकर यह स्पष्ट हो गया कि वह किसी गंभीर बीमारी से ग्रस्त नहीं है और यह बीमारी का बहाना सिर्फ शादी से बचने का तरीका था।
दुल्हन के पिता साहब दीन ने बताया कि शादी से पहले लड़के वालों ने एक लाख रुपये नकद और एक अपाचे बाइक की मांग की थी। उन्होंने बताया कि इस विवाह के लिए महीनों से तैयारी चल रही थी। खाने-पीने, सजावट और अन्य इंतजामों में अच्छा-खासा खर्च किया गया था। बेटी के हाथों में मेहंदी लग चुकी थी और रिश्तेदार शादी की खुशियों में डूबे हुए थे, लेकिन दूल्हा बारात लेकर नहीं आया।
घटना की जानकारी रात में पुलिस को दी गई, जिस पर पीआरबी की टीम मौके पर पहुंची। हालांकि तत्काल कोई समाधान नहीं निकल सका। अब दुल्हन का परिवार इस पूरे मामले में न्याय की मांग कर रहा है।
Updated on:
24 May 2025 07:38 pm
Published on:
24 May 2025 07:36 pm
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