
राष्ट्रपति के हाथों शौर्य चक्र से सम्मानित हुए विकास तोमर, फोटो: सोशल मीडिया
सूबेदार विकास तोमर को यह सम्मान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा प्रदान किया गया। गांव लौटने पर विकास तोमर का जोरदार स्वागत किया गया।
जैसे ही वे बागपत स्थित अपने गांव बरवाला पहुंचे, लोगों ने ढोल-नगाड़ों के साथ उनका अभिनंदन किया। फूल मालाओं से लदी उनकी कार को पूरे गाँव और बाजार में सम्मानपूर्वक रैली के रूप में निकाला गया। सड़क किनारे खड़े लोग उन्हें सैल्यूट कर रहे थे और देशभक्ति का माहौल हर ओर देखने को मिल रहा था। गांववासियों के लिए यह गर्व का क्षण था कि उनका एक बेटा देश के लिए ऐसे अभूतपूर्व पराक्रम का परिचय देकर लौटा है।
मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो 11 सितंबर 2024 को कश्मीर के धागरी जंगलों में आतंकियों के खिलाफ चलाए गए एक बड़े ऑपरेशन में विकास तोमर ने निर्णायक भूमिका निभाई थी। वे अपनी टीम का नेतृत्व कर रहे थे और लगातार पांच दिन तक चले इस ऑपरेशन में उन्होंने अत्यंत विषम परिस्थितियों में साहस, सूझबूझ और रणनीति का परिचय देते हुए न केवल अपने घायल साथियों को सुरक्षित बाहर निकाला, बल्कि एक आतंकी को मार गिराया और अन्य को पीछे हटने पर मजबूर किया। इस ऑपरेशन में उनकी भूमिका ने एक बड़ी आतंकी साजिश को समय रहते विफल कर दिया।
विकास तोमर बागपत जिले के बरवाला गांव के निवासी हैं। विकास वन पैराशूट रेजिमेंट (पैरा स्पेशल फोर्स) में सूबेदार के पद पर कार्यरत हैं। यह रेजिमेंट भारतीय सेना की सबसे प्रशिक्षित और साहसी यूनिट्स में से एक मानी जाती है।
गांव में विकास तोमर के सम्मान में एक खास समारोह का आयोजन किया गया जिसमें प्रशासनिक अधिकारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। यह दिन बागपत के लिए गौरव और प्रेरणा से भरा रहा जिसने दिखा दिया कि देश के लिए समर्पण और साहस कभी व्यर्थ नहीं जाता।
Updated on:
24 May 2025 06:22 pm
Published on:
24 May 2025 06:22 pm
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