
धान खरीद की समस्याओं को लेकर राइस मिलर्स में आक्रोश, अपर जिलाधिकारी को सौंपा पत्र
बाराबंकी. जनपद बाराबंकी के राइस मिलर्स ने अपर जिलाधिकारी से मिलकर उन्हें एक मांगपत्र सौंपा और अपनी समस्याओं से अवगत कराया। अपर जिलाधिकारी ने भी उनकी मांगों को गम्भीरता पूर्वक सुना और शीघ्र निस्तारण का भरोसा दिलाया।
राइसमिलर्स में आक्रोश
बाराबंकी के अपर जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर जिले के राइस मिलर्स इकट्ठा हुए और अपनी समस्याओं का मांग पत्र उन्हें सौंपा। राइसमिलर्स ने अपनी समस्याओं के सम्बन्ध में अपर जिलाधिकारी को अवगत कराया कि शाशन की ओर से सिर्फ 35 प्रतिशत हाईब्रिड धान खरीदने को कहा गया है जबकि यहां हाईब्रिड धान की पैदावार 100 प्रतिशत है। जिसकी टूटन भी बहुत है और चावल निकलता भी कम है। ऐसे में राइसमिलर्स चावल की पूर्ति कहां से करेगा। अपर जिलाधिकारी ने राइसमिलर्स की समस्याओं को सुना और उनका मांग पत्र भी लिया। साथ ही राइसमिलर्स की समस्याओं का शीघ्र कराने का आश्वासन भी दिया।
हमारे खिलाफ कटेगी आरसी
राइसमिलर्स संघ के जिलाध्यक्ष अमूल सिंह और अन्य राइस मिल के मालिकों ने बताया कि सरकार की ओर से जो गाइडलाइन धान खरीद के लिए प्राप्त हुई है उसमें हाईब्रिड धान की खरीद 35 प्रतिशत और शेष कॉमन धान की खरीद होनी है। लेकिन यहां जब कॉमन धान की पैदावार ही नहीं है, 100 प्रतिशत हाईब्रिड धान की ही पैदावार है तो कॉमन धान की खरीद कहां से हो। कॉमन धान की खरीद नहीं हुई तो हाईब्रिड धान के चावल की टूटन बहुत अधिक है और ऊपर से यह निकलता भी कम है। चावल की अगर पूर्ति न हुई तो हमारे खिलाफ आरसी कटेगी और हमें जेल भेजा जाएगा। इसलिए अपर जिलाधिकारी हमारी समस्याओं पर ध्यान और हमें न्याय दिलाएं।
जल्द होगा समस्याओं का समाधान
वहां बाराबंकी के अपर जिलाधिकारी सन्दीप गुप्ता ने बताया कि उन्होंने राइसमिलर्स की समस्याओं को सुना है और इनकी बात सही है कि हाईब्रिड धान के चावल में टूट अधिक है। इनकी समस्याओं के बारे में शीघ्र निस्तारण कराने का प्रयास किया जाएगा।
Updated on:
17 Dec 2020 01:45 pm
Published on:
17 Dec 2020 01:45 pm
