
Baran News: जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग [परियोजना खंड बारां] के एक अधिशासी अभियन्ता ने दूसरे अधिशासी अभियन्ता के डीडीओ पावर का इस्तेमाल करते हुए अनियमितता पूर्वक 1.20 करोड़ का भुगतान कर दिया। सबंधित अधिशासी अभियन्ता को इस बारे में पता चला तो उसके होश उड़ गए। इसकी सूचना मिलने पर महकमे के जिला से लेकर राज्य सरकार स्तर तक के अधिकारियों में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में कारण बताओ नोटिस जारी कर जांच शुरू की गई है।
दरअसल पिछले माह तबादलों से बैन हटाने पर गत 15 जनवरी को अधिशासी अभियन्ता विनोद कुमार मीणा को अधीक्षण अभियंता झालावाड़ वृत [परियोजना] कार्यालय के अधीन परियोजना खंड कार्यालय बारां में लगाया गया था। विनोद मीणा ने 17 जनवरी को अधिशासी अभियन्ता प्रकाश वीर नाथानी से कार्यभार ग्रहण किया और उसी दिन उनकी आईडी को पे मैनेजर मैप किया गया। इसके बाद तबादले की दूसरी सूची जारी हुई। इसमें विनोद को नगरपरिषद झालावाड़ और अधिशासी अभियन्ता राजीव कुमार सिंघल को बारां परियोजना खंड कार्यालय में नियुक्त कर दिया गया। आदेश के बाद गत 24 जनवरी को एक्सईएन राजीव कुमार सिंघल ने बारां में कार्यभार ग्रहण किया था। बस इसी बदला बदली से खेल शुरू हो गया।
तबादला आदेशों में फेरबदल होने पर नियमानुसार सरकारी खजाने से वित्तीय लेनदेन की शक्तियां आहरित किया जाना था, लेकिन ऐसा नहीं कर विनोद मीणा की पे मैनेजर पर डीडीओ मैपिंग हो रही डीडीओ आईडी इन्फॅर्मेशन में उनके मोबाइल नंबर हटाकर सिंघल के मोबाइल नंबर डाल दिए गए तथा उस पर ओटीपी लेकर करीब 1.20 करोड़ का एसएनए आइडी से ऑनलाइन भुगतान भी कर दिया गया।
इसका पता लगने पर 25 जनवरी को विनोद मीणा ने विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव को शिकायत की। इसमें आरोप लगाया कि एक्सईएन सिंघल ने डीडीओ आईडी इनफार्मेशन में उनके मोबाइल नंबर हटाकर स्वयं के मोबाइल नंबर डाल ओटीपी लेकर 1.20 करोड़ का भुगतान किया। यह गंभीर वित्तीय अनियमितता व धोखाधड़ी का प्रकरण है।
प्रकरण की जांच के लिए अधीक्षण अभियंता झालावाड़ वृत [परियोजना] को आदेश दिए है। उन्होंने अधिशासी अभियन्ता को कारण बताओ नोटिस भी दिया है। जांच रिपोर्ट मिलने पर उसे सक्षम स्तर पर भेजा जाएगा।
पी.के.बागला, अतिरिक्त मुख्य अभियंता, जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग [परियोजना क्षेत्र] झालावाड़
एक्सइएन सिंघल ने विभागीय प्रक्रिया को ताक में रखकर मेरी डीडीओ आईडी इन्फॉर्मेशन में छेड़छाड़ करते हुए 1.20 करोड़ का भुगतान कर वित्तीय अनियमितता की है। इस मामले को मैने उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया था।
विनोद मीणा एक्सईएन जलदाय विभाग
शिकायत झूठी और निराधार है। 7 दिन के लिए बजट मिलता है। मैनें 24 जनवरी को कार्यग्रहण किया था और उसी दिन शाम को बजट लैप्स हो रहा था। इस कारण उन्होंने नियमानुसार भुगतान किया है। यह भुगतान बारां के सोनवा प्रोजेक्ट के लिए संवेदक फर्म को किया गया है। बिल सितंबर माह से स्वीकृत पड़े हुए थे।
राजीव कुमार सिंघल, अधिशासी अभियन्ता, जलदाय विभाग परियोजना खंड बारां
अतिरिक्त मुख्य सचिव को शिकायत के बाद गत 27 जनवरी को मुख्य अभियंता [गुणवत्ता नियंत्रण] आर.के मीणा ने अतिरिक्त मुख्य अभियंता परियोजना क्षेत्र झालावाड़ को शिकायत में दिए गए तथ्यों की बिन्दुवार जांच कर 7 दिनों में जांच रिपोर्ट स्पष्ट टिप्पणी के साथ पेश करने के आदेश दिए। इस पर 28 जनवरी को अधीक्षण अभियंता [झालावाड़ वृत्त] दीपक कुमार झा ने अधिशासी अभियन्ता सिंघल को कारण बताओ नोटिस जारी किया। इस तरह भुगतान करने का जवाब स्पष्टीकरण सहित 3 दिनों में पेश करने के आदेश दिए, लेकिन अब तक जांच ही पूरी नहीं हुई।
Updated on:
06 Feb 2025 09:27 am
Published on:
06 Feb 2025 09:27 am
