
फोटो- पत्रिका नेटवर्क
Anta Assembly By-election: राजस्थान के बारां जिले में आगामी अंता विधानसभा उपचुनाव से पहले मांगरोल उपखंड के पाड़लिया गांव में राजनीतिक सरगर्मी के बीच एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। गांव के ग्रामीणों ने मूलभूत सुविधाओं की लंबे समय से चली आ रही अनदेखी से परेशान होकर मतदान का पूर्ण बहिष्कार करने की चेतावनी दी है।
उन्होंने मांगरोल उपजिला अधिकारी को एक प्रार्थना पत्र सौंपकर अपनी मांगें रखी हैं और सर्वसम्मति से चुनाव से दूर रहने का फैसला लिया है। ग्रामीणों का कहना है कि चुनावी मौसम में आने वाली सरकारें झूठे वादे करके चली जाती हैं, लेकिन समस्याओं का समाधान आज तक नहीं हुआ।
पाड़लिया गांव पंचायत मुख्यालय से जुड़ा सबसे बड़ा गांव है, जहां 1800 से अधिक की आबादी निवास करती है। यहां 800 से ज्यादा मतदाता हैं, जो उपचुनाव में निर्णायक भूमिका निभा सकते थे। लेकिन सुविधाओं की कमी के बाद पूरे गांव में नाराजगी है। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में खेतों तक पहुंचने के लिए कोई पक्का रास्ता नहीं है, जिससे किसानों को रोजाना परेशानी झेलनी पड़ती है।
ग्रामीणों के मुताबिक सबसे गंभीर समस्या श्मशान घाट तक पहुंचने के रास्ते की है। ग्रामीणों का कहना है कि अंतिम संस्कार के लिए श्मशान घाट तक जाने का कोई मार्ग नहीं है, जिससे मृतकों के परिजनों को भारी मुश्किलें आती हैं। इसके अलावा, गांव में एक सामुदायिक भवन की सख्त जरूरत है, जहां बैठकें या सामाजिक आयोजन हो सकें। स्कूल के ठीक सामने एक बड़ा गड्ढा है, जिसमें बारिश का पानी भर जाता है। इससे बच्चों के स्कूल आने-जाने में खतरा बना रहता है।
बता दें, ये समस्याएं नई नहीं हैं। ग्रामीण लगातार वर्षों से प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से इनका समाधान मांगते रहे हैं। विभिन्न सरकारों ने चुनावी रैलियों और दौरों में बड़े-बड़े वादे किए, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई बदलाव नहीं आया। एक ग्रामीण ने बताया कि हर चुनाव में नेता आते हैं, फोटो खिंचवाते हैं और वादे करते हैं। सड़क बनेगी, स्कूल सुधरेगा, श्मशान का रास्ता बनेगा लेकिन कुछ नहीं होता। अब हम थक चुके हैं। इस बार वोट नहीं डालेंगे।
ग्रामीणों ने उपजिला अधिकारी को सौंपे पत्र में सभी मांगों को विस्तार से बताया है। इसमें सड़क निर्माण, श्मशान घाट मार्ग, सामुदायिक भवन, स्कूल के गड्ढे की सफाई और भराई सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं को तत्काल उपलब्ध कराने की मांग की गई है। यदि ये मांगें पूरी नहीं हुईं तो गांव के सभी 800 से अधिक मतदाता उपचुनाव से दूर रहेंगे।
वहीं, प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन सूत्रों के अनुसार उपजिला अधिकारी मामले की जांच कर रहे हैं और ग्रामीणों से बातचीत की कोशिश की जा रही है।
Updated on:
30 Oct 2025 12:08 pm
Published on:
30 Oct 2025 12:08 pm
