
बीसलपुर बांध के दो गेट खुले। फोटो: पत्रिका
टोंक। राजस्थान में कई जिलों में हो रही बारिश के बाद बीसलपुर बांध में लगातार पानी की रफ्तार बढ़ रही है। ऐसे में बीसलपुर बांध के गेट खोलकर बनास नदी में पानी छोड़ा जा रहा है। बांध का एक गेट लगातार तीन दिन से खुला हुआ है। वहीं, बीसलपुर बांध का दूसरा गेट गुरुवार सुबह खोला गया।
बांध के कंट्रोल रूम के अनुसार गुरुवार सुबह 6 बजे बीसलपुर बांध का दूसरा गेट दो मीटर खोला गया। अब गेट नंबर 10 और 11 को दो-दो मीटर खोलकर प्रति सेकेंड बांध से बनास नदी में 24040 क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही है।
बता दें कि मंगलवार को बांध के गेट संख्या 10 को 50 सेंटीमीटर तक खोलकर बनास नदी में पानी निकासी की शुरुआत की गई थी। रात 8 बजे तक उसी गेट को बढ़ाकर 2 मीटर तक खोलकर पानी की निकासी 12 हजार 20 क्यूसेक प्रति सेकेंड कर दी गई थी। जो बुधवार को दिनभर बिना किसी घटत बढ़त के यथास्थिति में जारी रही। अब बांध का एक और गेट खोला गया है।
बीसलपुर बांध अक्टूबर माह में दोबारा छलककर तीसरा रेकार्ड तोड़ने के साथ ही अब तक की सबसे अधिक निकासी का रेकार्ड के करीब पहुंचता जा रहा है। बांध से बनास नदी में अब तक की सबसे अधिक निकासी 2016 में 135 टीएमसी की है। वहीं, इस बार बुधवार शाम तक कुल 130.486 टीएमसी पानी छोड़ा जा चुका है और गुरुवार को भी पानी की निकासी जारी है। बांध के जलभराव में सहायक भीलवाड़ा जिले के बिगोद स्थित त्रिवेणी का गेज 3.80 मीटर है।
बांध के डाउन स्ट्रीम में बनी राजमहल रपट पर पुलिया के अभाव में दर्जनों गांवों के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। इस बार बारिश को लेकर बोटूंदा के साथ ही बनास नदी की रपट पर तेज बहाव को लेकर दर्जन भर गांवों का आपसी सम्पर्क फिर से कट चुका है। पहले भी करीब तीन माह तक लोगों ने परेशानियों के साथ नदी पार कर रोजमर्रा के लिए दूसरे किनारे पर पहुंचते नजर आते थे।
अक्टूबर में पहली बार इतने लम्बे समय तक पानी का दर्द झेलते दिखाई दे रहे है। इसी प्रकार बीसलपुर बांध को राष्ट्रीय राजमार्ग से सीधा जोड़ने वाले संथली सड़क मार्ग के नेगडिया नाले में भी पानी के बहाव को लेकर लोगों को 20 किमी की अतिरिक्त दूरी तय कर बीसलपुर बांध व टोंक दूनी पहुंचना पड़ रहा है।
Updated on:
30 Oct 2025 10:46 am
Published on:
30 Oct 2025 10:25 am
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