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Anta By-Election Boycott: अंता विधानसभा के इस गांव में पड़ा सिर्फ 1 वोट, इंतजार ही करते रह गए मतदानकर्मी

Sankli Villagers Boycott Anta By-Election 2025: अंता उपचुनाव में सीमली पंचायत के सांकली गांव के लोगों ने विकास कार्य नहीं होने से नाराज होकर मतदान का बहिष्कार किया। 738 मतदाताओं वाले इस गांव में पूरे दिन सिर्फ एक वोट पड़ा। वहीं पूरे अंता क्षेत्र में कुल 80.32% मतदान हुआ।

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खाली पड़ा सांकली मतदान केंद्र (फोटो: पत्रिका)

Anta Assembly By Election 2025 Highlights: अंता में सीमली पंचायत के गांव सांकली गांव में लोगों ने विकास कार्य नहीं होने पर नाराजगी जताते हुए मतदान का बहिष्कार किया। यहां भाग संख्या 219 में 738 मतदाता है। गांव के लोग लंबे समय से सड़क, खरंजा, नाली, मुक्तिधाम के विकास समेत कई अन्य विकास कार्यों की मांग कर रहे है लेकिन ये कार्य नहीं होने पर नाराजगी जताते हुए मतदान का बहिष्कार कर दिया।

मतदान बहिष्कार की सूचना पर क्षेत्र के प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और उन्हें समझाने का प्रयास किया लेकिन वे नहीं माने। अपनी मांगों के संबंध में कार्यवाही के लिए वे जिला कलक्टर को मौके पर बुलाने की मांग करते रहे लेकिन चुनाव आचार संहिता का हवाला देकर जिला कलक्टर मौके पर नहीं गए।

ग्रामीणों की मांग के समर्थन में निर्दलीय नरेश मीणा भी वहां आकर धरने पर बैठ गए। करीब पंद्रह मिनट इंतजार के बाद जब कलक्टर नहीं आए तो मीणा वहां से चले गए। बाद में शाम को चार बजे 1 मतदाता ने यहां अपने मताधिकार का उपयोग किया।

समस्याओं से तंग

ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कई वर्षों से ग्राम में बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। विशेष रूप से चारागाह भूमि पर अतिक्रमण, तालाब जलकुंभी से भरा है। गांव में आबादी से होकर पक्का रास्ता है लेकिन नालियां नहीं होने से 12 माह रास्ते में गंदा पानी बहता रहता है। एक किलोमीटर दूर मुक्तिधाम तक जाने के लिए रास्ता नहीं है। इससे ग्रामीणों को मृतक के लिए बारिश के मौसम में अंत्येष्टि के समय परेशानी का सामना करना पड़ता है। रास्ता कच्चा और कीचड़ से भरा होने पर, बारिश का पानी भरा रहने से अर्थी लेकर भी पैदल नहीं निकल पाते हैं । श्मशान में टीनशेड नहीं है। खुले आसमान के नीचे बारिश में तिरपाल लगाकर शव का अंतिम संस्कार करना पड़ता है।

ग्रामीण अरविंद मीणा, भूपेंद्र मीणा भैरूलाल मालव, दीपक मालव, हरिओम सुमन, महावीर मालव, चंद्रप्रकाश बैरवा, रामकल्याण सेन सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि गांव की सभी गंभीर समस्या के समाधान हेतु कई बार जनप्रतिनिधियों और प्रशासन को ज्ञापन सौंपे गए। अधिकारियों को अवगत कराने के बावजूद केवल मौखिक आश्वासन ही मिलता रहा, लेकिन धरातल पर कोई विकास कार्य नहीं हुए।

ग्रामीणों ने एक पखवाड़े पूर्व ही बांरा उपखंड अधिकारी को लिखित रूप में सूचित कर दिया था कि यदि समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे मतदान का बहिष्कार करेंगे। बावजूद इसके प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

दिनभर रहा सन्नाटा

मंगलवार को जब मतदान प्रारंभ हुआ तो सांकली ग्राम के 738 मतदाताओं में से कोई भी मतदान केंद्र नहीं पहुंचा। इसकी सूचना मिलने पर बारां एडीएम और प्रत्याशी गांव पहुंचे और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। अधिकारियों ने आश्वासन भी दिया लेकिन ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा कि अब वे केवल लिखित और ठोस समाधान के बाद ही मतदान करेंगे।

80.32% हुआ मतदान

अंता विधानसभा क्षेत्र में उपचुनाव में भी पिछले तीन चुनाव का ट्रेंड बरकरार रहा। यहां मंगलवार को 80.32% मतदान हुआ। वर्ष 2023 में हुए चुनाव में यहां 81.17% मतदान हुआ था। सबसे अधिक मतदान 95.24% राप्रावि देवपुरा के मतदान केंद्र 186 पर हुआ। वहीं सबसे कम मतदान 00.14% राप्रावि सांकली के मतदान केंद्र 219 पर हुआ।

दिन चढ़ने के साथ बढ़ता गया आंकड़ा

सुबह 9 बजे: 14.10

सुबह 11 बजे: 29.86

दोपहर 1 बजे: 48.19

शाम 3 बजे: 65.95

दोपहर 5 बजे: 77.98

शाम 6 बजे: 80.32